आबकारी टीम ने 86.5 लीटर शराब और 1380 किलो लाहन किया जब्त
गणेशपुर, बाराडोली और नवरंगपुर में दबिश; तीन आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई, मौके पर भट्ठी भी नष्ट
महासमुंद। जिले के जंगल और ग्रामीण इलाकों में चोरी-छिपे चल रहे अवैध महुआ शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बसना और सरायपाली आबकारी वृत्त की टीम ने 13 और 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन प्रकरण दर्ज किए। कार्रवाई में 86.5 लीटर कच्ची महुआ शराब और 1380 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 64 हजार 300 रुपए आंकी गई है।
बसना वृत्त की टीम ने 13 सितंबर को गणेशपुर जंगल में दबिश दी। टीम को यहां महुआ शराब तैयार करने की गतिविधियां मिलीं। मौके से मनीराम मिरी (27) के कब्जे से 60 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 12 हजार रुपए है। शराब बनाने के लिए तैयार रखा 860 किलो महुआ लाहन भी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 43 हजार रुपए बताई गई है। मौके पर शराब निर्माण के लिए बनाई गई भट्ठी को भी आबकारी टीम ने नष्ट कर दिया।
इसी तरह 14 सितंबर को सरायपाली वृत्त की टीम ने बाराडोली में कार्रवाई करते हुए भूमिका तांडी के कब्जे से 15.5 लीटर कच्ची महुआ शराब और 100 किलो महुआ लाहन बरामद किया। इसी दिन नवरंगपुर में टीकाबाई साहू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 लीटर महुआ शराब और 420 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया।
आबकारी विभाग ने तीनों मामलों में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक एवं विवेचक मिर्जा जफर बेग, शिवशंकर नेताम तथा आबकारी आरक्षक देवेश मांझी और सविता भगत शामिल रहे।
‘अवैध शराब पर विशेष निगरानी’
जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी-छिपे महुआ शराब बनाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अजय पाण्डेय, आबकारी अधिकारी, महासमुंद
