स्वच्छ हवा की ओर बढ़ता कोरबा, देश के टॉप-10 शहरों में बनाई जगह
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 18वें से 10वें स्थान पर पहुंचा कोरबा
8 पायदान का सुधार, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान
रायपुर, 09 सितंबर 2026/छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ’’स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’’ में 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कोरबा ने देशभर में ’’10वां स्थान’’ प्राप्त किया है। खास बात यह है कि पिछले सर्वेक्षण में 18वें स्थान पर रहने वाला कोरबा इस बार 8 पायदान की छलांग लगाकर देश के शीर्ष 10 शहरों में शामिल हो गया है।’’
कोरबा की यह उपलब्धि शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा शासन-प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। औद्योगिक गतिविधियों के लिए देशभर में पहचान रखने वाले कोरबा का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
औद्योगिक पहचान के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहचान
उद्योग मंत्री ’’लखनलाल देवांगन’’ ने कोरबा की इस उपलब्धि पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश के शीर्ष 10 शहरों में कोरबा का शामिल होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ’’विष्णुदेव साय’’ के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों को तब और मजबूती मिलती है, जब आम नागरिक भी पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें सहभागी बनते हैं। ’’कोरबा की रैंकिंग में आया सुधार सरकार और आम लोगों के संयुक्त प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
हरियाली विस्तार और पर्यावरण संरक्षण पर लगातार काम
कोरबा शहर में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण तथा हरित क्षेत्र के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी गति दी जा रही है।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह ’’पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी’’ है। शासन के प्रयासों के साथ नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता से ही शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
हसदेव नदी संरक्षण की दिशा में 300 करोड़ से अधिक की परियोजना
कोरबा के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में ’’हसदेव नदी को प्रदूषण से बचाने की पहल’’ भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना नदी संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में और व्यापक रूप से दिखाई देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर प्रयासों और जनभागीदारी के बल पर कोरबा स्वच्छ वायु के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
सामूहिक प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस उपलब्धि के लिए ’’महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय तथा नगर निगम की पूरी टीम’’ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 18वें स्थान से 10वें स्थान तक पहुंचना कोरबा के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह नगर निगम, जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों तथा आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में कोरबा का 10वां स्थान यह संदेश देता है कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देकर शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है।’’ कोरबा की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान देने वाली है।
