राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुए शिक्षक कन्हैया साहू एवं विशेषर साहू
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दी बधाई व शुभकामनायें
बलौदाबाजार, 9 सितम्बर 2026/जिले के दो शिक्षक अपने उत्कृष्ट कार्य के लिये राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होकर जिले का नाम रोशन किया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर के लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति मे प्राथमिक शाला लमती विकासखंड भाटापारा के कन्हैया साहू एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघारी, विकासखंड बलौदाबाजार शिक्षक विशेषर साहू को सम्मानित किया। दोनों शिक्षकों को कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया और उन्हें बधाई व शुभकामनायें दी। शासकीय प्राथमिक शाला लमती विकासखंड भाटापारा में सहायक शिक्षक के रूप में कन्हैया साहू 28 फरवरी 2009 से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षण को बाल-केंद्रित एवं रुचिकर बनाने के लिए स्वयं सहायक शिक्षण सामग्री एवं खिलौनों का निर्माण कर उनका प्रभावी उपयोग किया है। हिन्दी मात्रा मीटर, ट्र-इन-वन अंक शब्द ज्ञान तथा खेल-खेल में गणित जैसी नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से वे बच्चों में सीखने की रुचि एवं बुनियादी कौशल विकसित कर रहे हैं। बच्चों के लेखन कौशल के विकास के लिए रेत पर वर्ण लेखन अभ्यास, स्वतंत्र पठन की आदत विकसित करने के लिए स्वयं के व्यय से मुस्कान पुस्तकालय तथा स्मार्ट टीवी, इंटरनेट एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग उनकी नवाचारी कार्यशैली को दर्शाता है। विद्यालय में चारदीवारी निर्माण, वर्ष 2014 से जैविक किचन गार्डन एवं स्वयं निर्मित प्रिंट रिच वातावरण के माध्यम से उन्होंने विद्यालय को अधिक आकर्षक और सीखने योग्य बनाया है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघारी, विकासखंड बलौदाबाजार मे पदस्थ शिक्षक विशेषर साहू 30 अगस्त 2002 से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अपने शिक्षकीय सफर की शुरुआत बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र के एक दूरस्थ एवं एक शिक्षकविहीन विद्यालय से की। दिव्यांगता के बावजूद वे बाल-केंद्रित, खेल-खेल में शिक्षण, कहानी, गीत, अभिनय एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर बच्चों को रुचिकर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। विद्यालय के सुंदर एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके प्रयासों से विद्यालय में पुस्तकालय, किचन गार्डन, आकर्षक गार्डन एवं अन्य शैक्षणिक संसाधन विकसित हुए हैं। वे बच्चों में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की भावना विकसित करने के साथ समर कैंप के माध्यम से चित्रकला, बस्तर आर्ट, क्राफ्टिंग एवं संगीत जैसी प्रतिभाओं को निखारने का प्रयास करते हैं।
