’विकसित भारत जीरामजी योजना में आधुनिक तकनीक के उपयोग से बढ़ रही पारदर्शिता’

’रोजगार सह आवास दिवस पर क्यूआर कोड स्कैन कर योजनाओं की जानकारी ले रहे ग्रामीण’
कोरिया 07 सितम्बर 2026/योजनाओं के हितलाभ में पूर्ण पारदर्शिता के लिए यह आवश्यक है कि योजनाओं से मिलने वाले लाभ एवं उनके क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी आम नागरिकों को सरलता से उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड महत्वपूर्ण सूचना माध्यम के रूप में सामने आ रहे हैं।
कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार आज जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर सहजता से प्राप्त की। योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की यह तकनीक रोजगारमूलक योजनाओं के साथ जनहित में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
’क्यूआर कोड नवाचार को एक वर्ष पूर्ण’
जिले के ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विकसित भारत जीरामजी योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित जानकारी आम नागरिकों तक सहजता से पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतों में योजनाओं से संबंधित क्यूआर कोड तैयार कर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है। क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत में संचालित रोजगारमूलक योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
कोरिया जिले में इस नवाचार को अब एक वर्ष पूर्ण हो चुका है। योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का यह सरल एवं सहज माध्यम धीरे-धीरे ग्रामीणों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
’कार्यस्थलों पर भी ग्रामीणों को दी गई जानकारी’
विकसित भारत जीरामजी योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया से ग्रामीणों को कार्यस्थलों पर भी अवगत कराया गया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर संचालित कार्यों एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों की रोजगारमूलक कार्यों एवं आवास से संबंधित समस्याओं और मांगों को भी दर्ज किया गया तथा कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
’हर ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड की व्यवस्था’
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने बताया कि प्रावधानों के अनुसार ग्राम पंचायतों के कार्यालय भवनों के साथ-साथ कार्यस्थलों पर भी रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन किया गया। इसमें रोजगारमूलक कार्यों में नियोजित श्रमिकों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों में उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर विभिन्न योजनाओं की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी सरलता से प्राप्त की। धीरे-धीरे यह नवाचार आम नागरिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है।
’तकनीक से मजबूत होगी पारदर्शिता की राह’
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि रोजगार सह आवास दिवस के दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के नवाचार को लगभग एक वर्ष पूर्ण हो चुका है और इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। अब ग्रामीणों के हाथ में उनके ग्राम पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तकनीक का उपयोग बढ़ेगा, योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी आम नागरिकों के संज्ञान में आएगी। तकनीक का यह उपयोग पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में संभावित अनियमितताओं को रोकने का प्रभावी माध्यम साबित होगा।