प्रेम प्रसंग का खूनी अंत: युवक की हत्या कर कुएं में फेंका, चार दोषियों को उम्रकैद

2020 के बहुचर्चित योगेश सेन हत्याकांड में कोर्ट का फैसला; पत्नी समेत चार दोषियों को धारा 302 में आजीवन कारावास, साक्ष्य मिटाने के मामले में भी सजा
महासमुंद। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम खुटेरी में करीब छह साल पहले हुए योगेश कुमार सेन हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट मोनिका जायसवाल ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने लेखराम उर्फ बाला पटेल, उसकी पत्नी भुवनेश्वरी पटेल, उमेश पटेल और सुरेश पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।अदालत ने चारों दोषियों को धारा 201 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मां से भुवनेश्वरी को लाने की बात कहकर निकला था योगेश
अभियोजन के अनुसार ग्राम खुटेरी निवासी योगेश कुमार सेन 26 नवंबर 2020 की रात करीब साढ़े 9 बजे अपनी मां से यह कहकर घर से निकला था कि वह भुवनेश्वरी पटेल को लेने उसके घर जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद योगेश के पिता बेदराम सेन ने 28 नवंबर को खल्लारी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की।
दो दिन बाद कुएं में मिली थी लाश
29 नवंबर को खुटेरी में पुलिस को एक युवक का शव कुएं से मिला। शव की पहचान योगेश कुमार सेन के रूप में हुई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने मृतक और भुवनेश्वरी पटेल के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। योगेश उसी रात भुवनेश्वरी को लेने उसके घर जाने की बात कहकर निकला था और बाद में उसका शव लेखराम पटेल के घर के पास स्थित कुएं में मिला।
पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस ने मामले की जांच और पूछताछ के दौरान लेखराम पटेल से कड़ाई से पूछताछ की। अभियोजन के मुताबिक पूछताछ में उसने अपनी पत्नी भुवनेश्वरी पटेल, भाई उमेश पटेल और सुरेश पटेल के साथ मिलकर योगेश पर लोहे की टंगिया से हमला करने और घायल अवस्था में उसे कुएं में डालने की बात बताई। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की टंगिया सहित अन्य सामान जब्त किया।विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अभियोजन ने रखे मजबूत तर्क
मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक सुरेंद्र गिरि ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषसिद्ध किया।

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