ग्राम नवलपुर में आयोजित हुआ एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर
ग्रामीणों को नालसा की विभिन्न योजनाओं, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं अधिकारों की दी गई जानकारी
बेमेतरा 31 अगस्त 2026/- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के निर्देशानुसार ग्राम नवलपुर, जिला बेमेतरा में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, निःशुल्क कानूनी सहायता तथा उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउंसिल, अधिकार मित्र एवं लीगल इंटर्न द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी गई।
मानव तस्करी एवं यौन शोषण के पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता
सहायक प्रतिरक्षा अधिवक्ता आयुष शुक्ला ने नालसा (मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों हेतु विधिक सेवाएं योजना), 2015 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति, यौन शोषण एवं देह व्यापार के पीड़ित महिलाओं, बच्चों तथा अन्य व्यक्तियों को कानूनी सहायता एवं संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित है।
उन्होंने बताया कि ऐसे पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता, न्यायालयीन प्रकरणों में सहयोग, बचाव, सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही पीड़ितों के मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
लीगल इंटर्न निष्ठा ने पॉक्सो अधिनियम के तहत आने वाले पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता एवं अन्य सहयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों से ग्रामीणों को अवगत कराया।
एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों की दी जानकारी
प्रतिरक्षा अधिवक्ता सूरज मिश्रा ने नालसा (एसिड अटैक पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना) के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक से प्रभावित पीड़ितों को निःशुल्क वकील एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही मुआवजा प्राप्त करने, उपचार एवं पुनर्वास तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई में उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी।
बच्चों को सुरक्षित एवं भयमुक्त कानूनी वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर
प्रतिरक्षा अधिवक्ता देवेंद्र साहू ने नालसा (बच्चों के लिए बाल-मित्र कानूनी सेवाएं योजना), 2024** के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षित, सहज एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि बाल पीड़ित, बाल अपराधी, अनाथ तथा संरक्षण एवं देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पुलिस एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान बच्चों को मानसिक सहयोग देने के साथ उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाती है।
लीगल क्लीनिक के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह
अधिकार मित्र स्वाति कुंजाम ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (विधिक क्लीनिक) विनियम, 2011 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गरीब, जरूरतमंद एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने के लिए लीगल क्लीनिक संचालित किए जाते हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह, आवेदन तैयार करने में सहायता, प्रकरण को समझने में सहयोग तथा उनके अधिकारों एवं विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जेल, स्कूल, कॉलेज एवं अन्य स्थानों पर भी विधिक जागरूकता एवं सहायता की गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न कानूनी योजनाओं एवं अपने अधिकारों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में उत्साह दिखाया। उपस्थित ग्रामीणों को नालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर प्रतिरक्षा अधिवक्ताओं, अधिकार मित्र एवं लीगल इंटर्न ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के निर्देशों के पालन में ग्रामीणों को विधिक जानकारी प्रदान की तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं से जुड़ने के लिए जागरूक किया।
