नेशनल लोक अदालत को लेकर हुई बैठक

कोंडागांव 07 अगस्त 2026/ आगामी नेशनल लोक अदालत 12 सितम्बर 2026 के सफल आयोजन एवं अधिकतम राजीनाम योग्य प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में मध्यस्थता केन्द्र में बैंक विभाग, दूरसंचार विभाग एवं नगरपालिका के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ने कहा कि नेशनल लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक सरल, त्वरित एवं प्रभावी माध्यम हैं। इसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में अपने विवादों का निराकरण कर सकते हैं, जिससे समय एवं धन दोनों की बचत होती है तथा आपसी संबंध भी बने रहते हैं।
उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण वसूली, बैंक रिकवरी, प्री-लिटिगेशन के प्रकरणों की सूची तैयार कर संबंधित पक्षकरों से संपर्क स्थापित करें तथा उन्हें नेशनल लोक अदालत के माध्यम से विवादों के निराकरण हेतु प्रेरित करें। दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को दूरभाष बिल एवं अन्य समझौता योग्य प्रकरणों का अधिकतम निराकरण सुनिश्चित करने तथा नगरपालिका अधिकारी को जलकर संपत्तिकर एवं राजीनाम योग्य प्रकरणों को चिन्हांकित कर उनका निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि अधिक से अधिक प्रकरणों में प्री-सिटिंग कर पक्षकारों के मध्य समझौते के प्रयास किए जाएं ताकि नेशनल लोक अदालत के दिन अधिकाधिक मामलों का सफलतापूर्वक एवं संतोषजनक निराकरण हो सके।
प्रधान न्यायाधीश ने सभी विभागों से आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने का आव्हान करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत की सफलता सभी विभागों की संयुक्त प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकतम मामलों के निराकरण हेतु गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकम प्रताप चन्द्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव गायत्री साय एवं समस्त बैंक विभाग, दूरसंचार विभाग एवं नगरपालिका के अधिकारी उपस्थित रहे।