टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नारायणपुर में 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान तेज

नारायणपुर, 05 अगस्त 2026// प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में ’’100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान’’ का प्रभावी रूप से संचालन किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार से जोड़ना तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव सिंह बघेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य से प्राप्त वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप जिले में टीबी जांच की जा रही है। वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई माह तक जिले में कुल 2470 व्यक्तियों के बलगम नमूने एकत्र कर टीबी की जांच की गई। इनमें नारायणपुर विकासखंड से 2111 तथा ओरछा विकासखंड से 359 व्यक्तियों के बलगम नमूने जांच हेतु लिए गए। इस प्रकार जिले में अब तक 83.70 प्रतिशत जांच उपलब्धि’’ हासिल की गई है।
जिले में की गई जांच के दौरान अब तक कुल 147 टीबी संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। सभी चिन्हांकित मरीजों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमानुसार उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। मरीजों को नियमित उपचार, आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हुए उनके उपचार की सतत निगरानी की जा रही है।
87 हाई रिस्क गांवों में विशेष टीबी स्क्रीनिंग
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के 87 हाई रिस्क चिन्हांकित गांवों में विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 68 गांवों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से विशेष स्वास्थ्य एवं जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में अब तक कुल 5801 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें 4700 व्यक्तियों की जांच सामान्य पाई गई, जबकि 1101 व्यक्तियों के बलगम नमूने एकत्र कर सीबीएनएएटी जांच हेतु लिए गए हैं। एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक के उपयोग से जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में भी संभावित टीबी मरीजों की पहचान को आसान एवं प्रभावी बनाया जा रहा है।
93 निक्षय मित्रों ने टीबी मरीजों को लिया गोद
टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ पोषण एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’’प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’’ के अंतर्गत जिले में निक्षय मित्र पहल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी. आर. कुंवर के मार्गदर्शन में’’ अब तक 93 जिला अधिकारियों कर्मचारियों एवं सीएसआर सहयोगियों द्वारा 93 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र बनकर गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी मरीजों को फूड बास्केट एवं पोषण आहार के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण एवं आवश्यक सहयोग प्राप्त हो सके।
समय पर जांच और उपचार से टीबी को हराया जा सकता है
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, भूख में कमी अथवा रात में पसीना आने जैसे लक्षण हैं, तो बिना किसी संकोच के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीबी की जांच करवाएं। टीबी रोकथाम योग्य एवं उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, शीघ्र उपचार और नियमित रूप से दवा का सेवन करने से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। जिले में 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं पोषण सहयोग की गतिविधियों को निरंतर गति दी जा रही है।