स्वतंत्र एटीएमए जिला बनने की दिशा में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की बड़ी पहल, तीन ग्रामों में पीआरए सर्वे पूर्ण

– किसानों की सहभागिता से तैयार होगी कृषि विकास की नई रणनीति, एसआरईपी के लिए पीआरए सर्वेक्षण संपन्न
मोहला 21 जुलाई 2026। जिले को स्वतंत्र ATMA (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष आत्मा योजना के निर्देश तथा उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा संचालित केंद्र प्रवर्तित एक्सटेंशन रिफॉर्म (ATMA) योजना के तहत जिले की Strategic Research and Extension Plan (SREP) तैयार करने के लिए चयनित तीन ग्रामों में Participatory Rural Appraisal (PRA) सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
सर्वेक्षण विकासखंड मोहला के ग्राम रेंगाकठेरा, विकासखंड मानपुर के ग्राम बसेली तथा विकासखंड अंबागढ़ चौकी के ग्राम बागनारा में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। इस दौरान किसानों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से जिले की कृषि विकास कार्ययोजना के लिए आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गईं। PRA सर्वे के दौरान किसानों ने ग्राम की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संरचना, प्राकृतिक संसाधन, कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था, सड़क एवं परिवहन, नहर-नालों, चारागाह, वन एवं जैव विविधता सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। ग्रामीणों के सहयोग से सामाजिक मानचित्र, संसाधन मानचित्र, भूमि उपयोग मानचित्र, फसल चक्र, भू-जल स्तर, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों की सहभागिता दर्शाने वाले वेन डायग्राम सहित अन्य PRA चार्ट भी तैयार किए गए। कृषि विभाग के अनुसार सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की जाने वाली SREP जिले की वास्तविक कृषि आवश्यकताओं और संभावनाओं पर आधारित होगी। इसके माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति तय की जाएगी।
जिले को स्वतंत्र ATMA का दर्जा मिलने के बाद किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रदर्शन, नवाचार, क्षमता विकास और विभिन्न योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और कृषि आधारित आजीविका के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में जिले में ATMA योजना का संचालन मातृ जिला राजनांदगांव के माध्यम से किया जा रहा है। PRA सर्वेक्षण और SREP तैयार होने के बाद केंद्रीय टीम द्वारा अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके उपरांत जिले को स्वतंत्र ATMA जिला घोषित किए जाने पर योजनाओं का संचालन स्थानीय स्तर पर शुरू होगा, जिससे जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों की सहभागिता से तैयार होने वाली SREP जिले की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होगी। स्वतंत्र ATMA जिला बनने के बाद कृषि विस्तार सेवाएं अधिक प्रभावी, त्वरित और किसान-केंद्रित होंगी, जिससे जिले के कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

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