जनहित योजनाओं और सुदूर क्षेत्रों के निर्माण कार्यों की समीक्षा

लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर ने दिए निर्देश
सुकमा, 21 जूलाई 2026/जिले के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सुकमा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समय-सीमा (टीएल) बैठक संपन्न हुई। बैठक में “बस्तर मुन्ने“, “सुशासन तिहार“, “सेवा सेतु पोर्टल“ और “सीएम हेल्पलाइन“ में प्राप्त लंबित आवेदनों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, मानसून के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने और ग्रामीणों को उबला पानी पीने तथा मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए जागरूक करने की हिदायत दी गई।
प्रशासन का विशेष फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों पर रहा। शिक्षा सत्र 2026-27 के तहत स्कूल छोड़ चुके (शाला त्यागी) और अप्रवेशी बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी और स्कूल लिंकेज कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, “आयुष्मान कार्ड“ और “वय वंदन योजना“ के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों, सामाजिक पेंशन और शासकीय भूमि आवंटन से जुड़ी फाइलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया है। सशक्त आंगनबाड़ी अभियान के अंतर्गत शिक्षकों के अध्यापन के लिए कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में जगरगुंडा एजुकेशन सिटी, उल्लास एकेडमी कोटा केबिन, विभिन्न लाइब्रेरियों, हड़मा स्टेडियम शेड निर्माण और पंचायत कैफे की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई। साथ ही सुकमा-गोलापल्ली मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

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