460 से अधिक सामुदायिक सोखता से बदली गांवों की तस्वीर
कलेक्टर के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मिली रफ्तार, जलभराव और गंदगी से मिली राहत
कोरिया 20 जुलाई 2026/ छोटे-छोटे प्रयास जब जनभागीदारी से जुड़ते हैं, तो उनका असर बड़े बदलाव के रूप में सामने आता है। कोरिया जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में केवल दो माह के भीतर 462 सामुदायिक सोखता (सोख्ता गड्ढों) का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल की गई है। इस अभियान से सार्वजनिक जलस्रोतों के आसपास जलभराव, गंदगी और प्रदूषण की समस्या में प्रभावी कमी आई है।
जिले की ग्राम पंचायतों में हैंडपंप, सार्वजनिक नल-जल योजना एवं अन्य सामुदायिक पेयजल स्रोतों के समीप इन सोख्ता संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनके माध्यम से उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे-वॉटर (तरल अपशिष्ट) का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है। इससे न केवल जलभराव की समस्या कम हुई है, बल्कि भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिला है। साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी यह पहल कारगर साबित हो रही है।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत मिशन की छोटी-छोटी संरचनाएं ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ गांवों का निर्माण संभव है।‘
उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों को तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्मोर गांव, मोर पानीश् महाअभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्वच्छ, स्वस्थ और जल-संरक्षित बन सके।
