कम अवधि में पकने वाली धान की किस्में देरी से मानसून और एल नीनो के प्रभाव से बचाव में कारगर
बीजापुर 18 जुलाई 2026- एल नीनो के प्रभाव से बीजापुर जिले में इस वर्ष अब तक सामान्य से 50% ही वर्षा हुई है, जिससे खरीफ की बुवाई में विलम्ब हो रही है। ऐसी परिस्थिति में किसान भाई वर्षा जल संचयन व जल संरक्षण कर कम अवधि व मध्यम अवधि धान की किस्में (90 से 110 व 110 से 130 दिन) जैसे:- MTU-1010, IR-64, MTU-1156, MTU-1153 विक्रम- TCR आदि धान की किस्मों का खुर्रा एवं सीधी बोवाई करें। सीधी बोवाई से 20% पानी बचत होती है, साथ ही कास्त लागत लगभग 5000 रूपये प्रति एकड़ कम होती है तथा फसल भी 12-15 दिन पहले पक जाती है।
मरहान-टिकरा जमीन में कृषक धान के स्थान पर कोदो, कुटकी, रागी, मूंग, उड़द, अरहर, मक्का एवं तिलहन की खेती करें। ऐसे कृषकों को सरकार द्वारा इस वर्ष कृषक उन्नति योजना अन्तर्गत प्रति एकड़ 15000 रूपये सहायता राशि प्रदाय की जाएगी।
आवश्यकतानुसार कृषक अपने फसलों में मल्चिंग/पलवार का उपयोग करें। इससे भूमि की नमी संरक्षित रहती है तथा फसलें सूखे के प्रभाव से सुरक्षित रहती है। किसान फसल विविधीकरण अपनाकर जोखिम करें तथा एक ही फसल पर निर्भरता से बचें।
किसान भाई एल-नीनो के प्रभाव से फसल नुकसान एवं क्षति से सुरक्षा हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत सभी कृषक अधिसूचित फसलों का बीमा करवाएं। अ़ऋणी किसान को बीमा कराने के लिए धान असिंचित हेतु 924 रूपये/हे. तथा धान सिंचित हेतु 1056 रूपये/हे. प्रीमीयम राशि जमा करना होगा। योजनांतर्गत बीमा करने हेतु अ़ऋणी कृषक नजदीकी लोक सेवा केन्द्र या अपने बैंक शाखा में आवेदन जमा कर या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।
