तीन दिन की बारिश से जनजीवन प्रभावित, नदी-नाले उफान पर; महादेव घाट पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद
औसत से 110.8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज, सरायपाली में सबसे ज्यादा 386.3 मिमी वर्षा; प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में कोटवार-पटवारियों की तैनाती
महासमुंद। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार और रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील क्षेत्रों में कोटवार और पटवारियों की ड्यूटी लगाकर लगातार निगरानी कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके।
महासमुंद-गरियाबंद सीमा पर ग्राम कनेकेरा स्थित महादेव घाट के पास बगनाई नदी पर बने पुल के एक ओर मिट्टी का कटाव होने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी है। मौके पर सरपंच, कोटवार और स्थानीय प्रशासन की टीम तैनात की गई है, जो लोगों को सुरक्षित मार्ग अपनाने की सलाह दे रही है।
वहीं बम्हनी और चिंगरौद के बीच सितली नाला पर बनी पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। जलस्तर लगातार ऊंचा होने से ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ रहा है।
शुक्रवार रात से शुरू हुई तेज बारिश रविवार और सोमवार तक जारी रही, जिससे जिले की अधिकांश नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की जा रही है।
औसत से 110.8 प्रतिशत अधिक बारिश
जिला वर्षा नियंत्रण कक्ष की 6 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से अब तक जिले में 1,651.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि की औसत वर्षा 1,489.6 मिमी है। इस प्रकार जिले में अब तक 110.8 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है।
तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सरायपाली में सबसे अधिक 386.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 170.2 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा पिथौरा में 301.3 मिमी (135.7 प्रतिशत), महासमुंद में 281.1 मिमी (98.7 प्रतिशत), बसना में 234.6 मिमी (85.2 प्रतिशत), कोमाखान में 225.1 मिमी (95.3 प्रतिशत) तथा बागबाहरा में 222.9 मिमी (91.1 प्रतिशत) वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
सोमवार को भी जिले में अच्छी बारिश दर्ज हुई। महासमुंद में 68.5 मिमी, पिथौरा में 128.5 मिमी, बागबाहरा में 62.5 मिमी, सरायपाली में 97.7 मिमी, बसना में 90.4 मिमी तथा कोमाखान में 66.5 मिमी वर्षा हुई। जिले की औसत दैनिक वर्षा 85.6 मिमी दर्ज की गई।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दें। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और हालात पर लगातार निगरानी की जा रही है।
कलेक्टर की अपील-नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करते समय बरतें सावधानी
जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मानसून के दौरान लगातार वर्षा की संभावना के मद्देनजर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपदा या आपात स्थिति की जानकारी देने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम 07723-223305 को 24 घंटे संचालित किया जा रहा है।
कलेक्टर ने नागरिकों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के संभावित बाढ़ प्रभावित स्थानों और पूर्व वर्षों के उच्चतम जलस्तर की जानकारी पहले से रखें। साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और राहत शिविर की जानकारी भी पहले से प्राप्त कर लें।
उन्होंने प्रत्येक परिवार से आपातकालीन किट तैयार रखने की अपील की है। इस किट में सूखा खाद्य सामग्री, पेयजल, आवश्यक दवाइयां, टॉर्च, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आपातकालीन संपर्क नंबर, मोमबत्ती, माचिस और रस्सी जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल रखने की सलाह दी गई है।
कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ की आशंका होने पर पालतू पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दें। यदि बाढ़ की चेतावनी जारी की जाती है तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और अपने परिजनों व परिचितों को अपने सुरक्षित ठिकाने की जानकारी अवश्य दें।
उन्होंने नागरिकों से पुलिस, राजस्व, दमकल एवं अन्य बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने तथा राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
