खरीफ सीजन में खाद-बीज संकट और बारिश की कमी से किसान परेशान: मानिक साहू

किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराए सरकार, नकली सामग्री बेचने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
महासमुंद। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों की बढ़ती समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मानिक साहू ने राज्य सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मानसून की धीमी रफ्तार, खाद-बीज की कमी और खेती की लगातार बढ़ती लागत के कारण जिले सहित प्रदेश के किसान गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
मानिक साहू ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जून माह समाप्ति की ओर है, फिर भी कई क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों के सामने खाद और बीज की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बन गई है। सहकारी समितियों में समय पर यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिलने से किसानों को बाजार से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। साथ ही नकली और अमानक बीजों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उन्होंने की।
मानिक साहू ने कहा कि बारिश नहीं होने से किसान सिंचाई के लिए पंप और ट्यूबवेल पर निर्भर हैं, लेकिन डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत को और बढ़ा दिया है। जुताई, बुआई और सिंचाई सहित खेती के हर चरण में किसानों का खर्च बढ़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों और प्रमाणित बीजों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नकली खाद-बीज का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर किसानों को राहत दी जाए।
किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वर्तमान में वे मौसम की बेरुखी और बढ़ती लागत की दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस किसानों के साथ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।