निराश्रित बुजुर्गों के लिए बड़ी पहल: 25 सीटों वाले नवीन वृद्धाश्रम संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित

एमसीबी/22 जून 2026/ माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रमों की स्थापना एवं संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में वरिष्ठ एवं निराश्रित नागरिकों के लिए 25 हितग्राहियों की क्षमता वाले एक नवीन वृद्धाश्रम की स्थापना हेतु राज्य अनुदान वर्ष 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है।वृद्धाश्रम का संचालन स्वैच्छिक अशासकीय संस्था के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले में वृद्धाश्रम संचालन के इच्छुक, अनुभवी तथा विभाग से मान्यता प्राप्त अशासकीय स्वैच्छिक संगठनों एवं पंजीकृत लोक न्यासों (पब्लिक ट्रस्ट) से निर्धारित प्रारूप में आवेदन एवं प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन करने वाली संस्था का सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1973, पंजीकृत लोक न्यास अथवा कंपनी अधिनियम के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत होना अनिवार्य है। संस्था को कम से कम तीन वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में निरंतर कार्यरत होना चाहिए तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है। संस्था में स्पष्ट प्रशासनिक ढांचे, नियमों एवं लिखित संविधान के साथ विधिवत गठित प्रबंधकारिणी समिति का होना भी अनिवार्य रखा गया है।
राज्य शासन के प्रचलित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वैच्छिक संस्थाओं को आवर्ती व्यय का 90 प्रतिशत तथा अनावर्ती व्यय का 70 प्रतिशत तक अनुदान स्वीकृत किया जा सकेगा। वहीं त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों को शत-प्रतिशत अनुदान प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
प्रस्तावित वृद्धाश्रम में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित एवं जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को पूर्णतः निःशुल्क भोजन, आवास, वस्त्र, चिकित्सा, देखभाल तथा मनोरंजन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक निवासी के लिए अलग-अलग बिस्तर, पलंग, गद्दा, तकिया एवं आरामदायक फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पुरुष एवं महिला निवासियों के लिए पृथक-पृथक आवासीय व्यवस्था तथा महिलाओं के लिए अलग सुरक्षित कक्ष उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा।
वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए अंशकालिक चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी, जो सप्ताह में न्यूनतम चार बार भ्रमण करेंगे। आवश्यक दवाइयों की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त मनोरंजन एवं मानसिक सक्रियता के लिए सैटेलाइट टीवी, समाचार-पत्र, पत्रिकाएं, इनडोर खेल जैसे कैरम एवं शतरंज तथा सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वृद्धाश्रम परिसर में बागवानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप में संपूर्ण प्रस्ताव तैयार कर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करना होगा। प्रस्ताव के साथ ऑडिट रिपोर्ट, पिछले तीन वर्षों की प्रगति प्रतिवेदन, पंजीयन प्रमाण-पत्र, बैंक विवरण, प्रबंधकारिणी समिति की जानकारी सहित अन्य आवश्यक अभिलेख संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
विभागीय पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्ताव ऑनलाइन प्रस्तुत करने के पश्चात उसकी हार्ड कॉपी समस्त दस्तावेजों सहित जिला कार्यालय समाज कल्याण विभाग, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में इस विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 10 दिवस के भीतर कार्यालयीन समय में जमा करनी होगी। प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण एवं मूल्यांकन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा तथा जिला कलेक्टर की अनुशंसा के उपरांत अंतिम स्वीकृति हेतु समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।
यह पहल जिले के निराश्रित एवं वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वृद्धाश्रम की स्थापना से ऐसे बुजुर्गों को आश्रय, स्वास्थ्य सुविधा, देखभाल और सामाजिक सुरक्षा का बेहतर वातावरण प्राप्त होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।