एक्शन अगेंस्ट हंगर के मुहिम से जिले के 14 जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का हुआ कायाकल्प
लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया गया आधुनिक एवं सुविधायुक्त
गरियाबंद, 03 जून 2026/ जिले में बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्रांस की संस्था द्वारा एक्शन अगेंस्ट हंगर के मुहिम से 14 जर्जर एवं अति जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन एवं जीर्णाेद्धार किया गया है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इन केंद्रों को पुनर्विकसित कर पूर्णतः संचालन योग्य बनाया गया है। पुनर्विकसित आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक केंद्र पर लगभग 5 से 7 लाख रुपये व्यय कर व्यापक मरम्मत एवं आधुनिकीकरण कार्य किए गए हैं। इनमें मॉड्यूलर किचन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता हेतु नल कनेक्शन एवं पानी टंकी, फर्श एवं आंगन में टाइल्स, विद्युत व्यवस्था, पंखे, रंग-रोगन, बच्चों के लिए गतिविधि सामग्री सहित गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की जांच तथा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगे। यह पहल जिले में पोषण एवं बाल विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व) हितेश्वरी बाघे ने कहा कि सुविधायुक्त एवं आकर्षक आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ माताओं में भी विश्वास और जागरूकता का वातावरण निर्मित करेंगे। इस अवसर पर अधिकारियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण, कुपोषण मुक्ति, सुपोषण को बढ़ावा देने, रेडी-टू-ईट खाद्यान्न के समय पर वितरण तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, एसडीएम हितेश्वरी बाघे, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पाण्डेय, जिला परियोजना अधिकारी ऋषि बंजारे, सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती जी.एन. कार्के, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लाकेश्वरी धु्रव, सहायिका श्रीमती मानबाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
