हीरापुर समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ
40 किसानों को मिला ’वनाधिकार पत्र, स्वास्थ्य जांच से लेकर आवास योजना तक मिली कई सौगातें
रायपुर, 23 मई 2026/बीजापुर जिले के सुदूर उसूर विकासखंड स्थित हीरापुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए उम्मीद और समाधान का बड़ा केंद्र बनकर सामने आया। शिविर में हीरापुर सहित फुतकेल, बासागुड़ा, गगनपल्ली, मल्लेपल्ली, लिंगागिरी, कोरसागुड़ा, चिपुरभट्टी, चिन्नागेल्लूर और पुसबाका पंचायतों से हजारों ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए। वर्षों से कब्जे वाली भूमि पर मालिकाना हक प्रदान करते हुए 40 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।
24 विभागों ने लगाए स्टॉल
शिविर में 24 से अधिक विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई और लोगों को अधिक से अधिक योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों की भारी भागीदारी और योजनाओं के प्रति उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और लोग इनसे जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर रहे हैं।
“बस्तर मुन्ने” अभियान के तहत जागरूकता
प्रशासन ने “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को आधार कार्ड, बैंक खाता, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि इन दस्तावेजों के माध्यम से ही लोगों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य जांच और बाल विवाह रोकने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार और दवा वितरण किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने “बाल विवाह मुक्त बीजापुर” अभियान के तहत ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी और इसे रोकने का संकल्प दिलाया।
40 हितग्राहियों को मिला वनाधिकार पत्र
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से उनका लाभ लेने की अपील की। इस दौरान वर्षों से कब्जे वाली भूमि पर मालिकाना हक प्रदान करते हुए 40 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र एवं जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण आवासों की प्रतीकात्मक चाबियां हितग्राहियों को सौंपी गईं। वहीं मत्स्य विभाग ने हितग्राहियों को जाल और आईस बॉक्स वितरित किए।
शिविर में जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तेलम, उपाध्यक्ष तिरुपति पुनेम, विभिन्न पंचायतों के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम उसूर भूपेंद्र गावरे, जनपद पंचायत सीईओ प्रभाकर चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
