तालाब के पास कचरा डंपिंग और जलाने से कॉलोनीवासी परेशान

भूमि अधिग्रहण मुआवजा राशि नहीं मिलने पर आवेदिका ने जनदर्शन में लगाई गुहार
दुर्ग, 20 मई 2026/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 155 आवेदन प्राप्त हुए।
इसी कड़ी में राजमहल ग्रीन टाउन कॉलोनी और सुंदर बिहार कॉलोनी के निवासियों ने तालाब के पास कचरा डंपिंग और रात में जलाने की शिकायत की। कॉलोनीवासियों ने बताया कि तालाब के किनारे जमा कचरा बारिश और हवा के कारण सीधे तालाब में जा रहा है। इससे पानी हरा, बदबूदार और प्रदूषित हो गया है, जिससे भूजल दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा रोग, आंखों में जलन, दमा और पेट की बीमारियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। निवासियों ने नगर निगम से कचरा डंपिंग और जलाने को तुरंत रोकने, तालाब के पास जमा कचरे को हटवाने की मांग की। नगर निगम भिलाई के अधिकारी ने बताया कि इसके लिए टेंडर हो गया है। इस पर कलेक्टर ने शीघ्र कार्यवाही करने को कहा।
इसी प्रकार बोरसी निवासी ने मुआवजा राशि के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके भूमि का सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। भूमि का कुल मुआवजा 2,45,480 रुपये तय किया गया था। लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद राशि नहीं मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी विभाग को परीक्षण कर नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान करने को कहा।
बिरोदा के ग्रामवासियों ने शिवनाथ नदी से निजी कंपनी की पाइप लाइन खुदाई पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने बताया कि शिवनाथ नदी बिरोदा के एनिकट से निरगंगा इस्पात प्राईवेट लि.बोरिया स्थिति कंपनी द्वारा बिरोदा बस्ती होते हुए पाइप लाइन बिछाने हेतु खुदाई किया जा रहा है। नदी का अत्यधिक दोहन आसपास के 20 गांवों के जलस्तर को प्रभावित करेगा और गर्मियों में पीने व सिंचाई के पानी में संकट उत्पन्न होगा। इस पर कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।