नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों की पहचान हेतु व्यापक सर्वे अभियान चलाने के निर्देश
रायपुर, 20 मई 2026/राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (“Understanding of Lifelong Learning for All in Society (ULLAS)” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्क नागरिकों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। योजना के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, व्यावसायिक कौशल तथा बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। शासन ने उल्लास कार्यक्रम को विकसित भारत निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
राज्य शासन द्वारा निर्देशित में कहा गया है कि असाक्षर व्यक्तियों की पहचान के लिए युद्धस्तर पर घर-घर सर्वेक्षण अभियान संचालित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक ग्राम, पारा, टोला एवं मोहल्ला स्तर पर ग्राम प्रभारी अथवा वार्ड प्रभारी के नेतृत्व में 10 से 15 सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इन टीमों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी, एनसीसी एवं एनएसएस के सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियां तथा अन्य शासकीय एवं अशासकीय सदस्य शामिल किए जाएंगे। निर्देशानुसार सर्वेक्षण कार्य निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से पूर्ण किए जाने के पश्चात् उल्लास मोबाइल एप के जरिए स्वयंसेवी शिक्षकों एवं असाक्षरों का चिन्हांकन एवं ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पारा, टोला एवं मोहल्ला स्तर पर 8 से 10 असाक्षरों के लिए एक साक्षरता केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यथासंभव विद्यालयों को ही साक्षरता केन्द्र के रूप में चिन्हांकित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शिक्षार्थी को उल्लास साक्षरता केन्द्रों में पठन-पाठन कराते हुए आगामी “महापरीक्षा अभियान” में सम्मिलित कराया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर इच्छुक व्यक्तियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को जिम्मेदारी प्रदान की जा सकेगी। शासन द्वारा कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर (एक्स), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यू-ट्यूब, टीवी चौनल एवं रेडियो चौनलों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा जारी निर्दंश में कहा गया है कि आगामी “महापरीक्षा अभियान” सितंबर 2026 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें चिन्हांकित सभी असाक्षरों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम की प्रगति एवं क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा समय-सीमा की बैठकों में भी की जाएगी। शासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि सामुदायिक सहभागिता एवं जनसहयोग से यह अभियान जन-आंदोलन का रूप लेगा तथा छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
