पेयजल संकट से निपटने उद्योगों का मिलेगा सहयोग
कलेक्टर ने उद्योग संचालकों की बैठक लेकर जल संरक्षण एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर की चर्चा
महासमुंद। जिले में लगातार गहराते पेयजल संकट से प्रभावी ढंग से निपटने और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार शाम कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न उद्योग इकाइयों के संचालकों एवं अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता, जल संरक्षण, जल संचयन एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि वर्तमान ग्रीष्मकाल में जिले के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे समय में उद्योगों की सामाजिक सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने उद्योग संचालकों से अपील करते हुए कहा कि वे जल संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने में प्रशासन का सहयोग करें।
कलेक्टर ने कहा कि जल संकट केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही इसका स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने उद्योग इकाइयों से अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
बैठक में उपस्थित उद्योग संचालकों एवं अधिकारियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिले में पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए वे प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेंगे तथा आवश्यकतानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में सरायपाली, बसना, पिथौरा एवं महासमुंद क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बोर खनन एवं खराब बोरों की मरम्मत कराने, जरूरत पड़ने पर पेयजल उपलब्ध कराने तथा जल संचयन संबंधी गतिविधियों में सहयोग करने पर सहमति बनी। इसके अलावा उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “जल संचयन-जल भागीदारी” अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की भी बात कही।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग के अधिकारियों सहित जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
