उसलापुर वन रोपणी क्षेत्र में पशुओं के सुरक्षित व्यवस्थापन की विभाग ने दी जानकारी

पशु परिवहन एवं व्यवस्थापन संबंधी तथ्यों पर पशु चिकित्सा विभाग का आधिकारिक स्पष्टीकरण
बेमेतरा 17 मई 2026/- उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला बेमेतरा द्वारा उसलापुर वन रोपणी क्षेत्र में घुमंतु एवं बेसहारा पशुओं की मृत्यु को लेकर प्रसारित भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया गया है कि पशुओं के परिवहन अथवा व्यवस्थापन के दौरान किसी भी पशु की मृत्यु नहीं हुई है।
जारी जानकारी के अनुसार ग्राम उसलापुर, भीमपुरी एवं चिटकुली के मध्य स्थित वन रोपणी क्षेत्र में अक्टूबर 2025 के दौरान निरीक्षण में लगभग 200 घुमंतु एवं बेसहारा पशु पाए गए थे। विभाग ने बताया कि यह क्षेत्र लंबे समय से घुमंतु पशुओं के ठहराव का स्थान रहा है तथा आसपास के गांवों में मृत पशुओं को भी पूर्व से इसी क्षेत्र में डालने की परंपरा रही है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में पाए गए मृत पशुओं की मृत्यु परिवहन अथवा व्यवस्थापन के दौरान नहीं हुई थी। पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, विकासखंड बेमेतरा की रिपोर्ट के अनुसार 24 अक्टूबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 तक कुल 6 पशुओं की मृत्यु हुई थी, जिनका विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। परीक्षण में किसी प्रकार की चोट अथवा परिवहन से मृत्यु के प्रमाण प्राप्त नहीं हुए। रिपोर्ट में पशुओं की मृत्यु का कारण निमोनिया एवं अन्य प्राकृतिक कारण बताया गया है।
विभाग ने जानकारी दी कि दिसंबर माह से अब तक कुल 314 पशुओं का विभिन्न गौठानों एवं गौशालाओं में व्यवस्थापन किया गया है। इनमें दिसंबर माह में 56 तथा अप्रैल माह से अब तक 258 पशुओं को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया। परिवहन किए गए सभी पशु स्वस्थ पाए गए तथा गौठानों में पहुंचने के बाद भी संबंधित गौठान सचिव एवं गोसेवकों द्वारा पशुओं के स्वस्थ होने की पुष्टि की गई है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट एवं भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।