बिहान योजना से आत्मनिर्भर बन रही हैं ग्रामीण महिलाएं

सुशासन तिहार में जागृति स्व-सहायता समूह को मिला 5.40 लाख रुपये का सीआईएफ ऋण
बकरी पालन और सब्जी उत्पादन से बढ़ रही आय, सशक्त हो रहा महिला समूह
रायपुर, 17 मई 2026/राज्य शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम बड़ादमाली की जागृति स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष एवं सरस्वती ग्राम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती रामरति यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं।
श्रीमती रामरति यादव ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान उनके समूह को 5 लाख 40 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) ऋण प्राप्त हुआ है। इस राशि का उपयोग समूह की महिलाएं बकरी पालन और साग-सब्जी उत्पादन जैसे आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।
बढ़ी आय, मजबूत हुआ आत्मविश्वास
श्रीमती यादव ने बताया कि बड़ादमाली क्षेत्र में बकरी पालन महिलाओं की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। इसके साथ ही समूह की महिलाएं सब्जी उत्पादन कर स्थानीय बाजारों में विक्रय कर रही हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।
श्रीमती यादव ने कहा कि बिहान योजना के तहत पहले सीआईएफ ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसके बाद बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण सुविधा भी मिलती है। इससे महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
श्रीमती यादव ने बताया कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब समूह की महिलाएं स्वयं आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से वे अपने परिवार और भविष्य को मजबूत बना रही हैं।
श्रीमती रामरति यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
बिहान योजना आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुकी है, जिसके माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।