जिले की ग्राम पंचायतों में ’सुशासन तिहार-2026’ का आगाज़
पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए सजेंगे ’सुशासन’ के मंच, शिविर में प्राप्त शिकायतों का मौके पर होगा निपटारा
दुर्ग, 27 अप्रैल 2026/ कलेक्टर अभिजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में पारदर्शिता लाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से ’सुशासन तिहार-2026’ के आयोजन हो रहा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ’सुशासन तिहार-2026’ के तहत जिले के जनपद पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर निवारण शिविर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 तक सुबह 09.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। सबसे पहले जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 04 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुथरेल में शिविर लगेगा, जिसमें अण्डा, विनायकपुर, आमटी, मासाभाट, आलबरस, निकुम, चिंगरी, अछोटी, कुथरेल, भरदा, कोनारी, चंदखुरी, भानपुरी, जंजगिरी, मतवारी और रिसामा ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके पश्चात 08 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ढौर में शिविर आयोजित होगा, जहाँ सिरसाखुर्द, जेवरा, समोदा, भटगांव, कुटेलाभांठा, खपरी कु., करंजाभिलाई, झेंझरी, कचांदुर, ढौर, खेदामारा, बासीन, बोड़ेगांव, रवेलीडीह, अरसनारा और ननकट्ठी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएँ रख सकेंगे। 18 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पुरई में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें मचांदुर, चिरपोटी, पाउवारा, कोड़िया, कोकड़ी, हनोदा, पुरई, खोपली, डुमरडीह, घुघसीडीह, उमरपोटी, कातरो, मातरोडीह, बोरीगारका और करगाडीह पंचायतें शामिल होंगे। इसके बाद शिविर 22 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में संपन्न होगा, जिसमें ग्राम नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, खुर्सीडीह, अंजोरा ढा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, गनियारी, बेलौदी, मालूद, पीपरछेड़ी, चिखली, कोटनी और मोहलई शामिल होंगे। अंत में 29 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला थनौद में शिविर आयोजित किया जाएगा, जहाँ ग्राम अंजोरा (ख), धनोरा, महमरा, रसमड़ा, खम्हरिया, खपरी सि, सिलोदा, पीसेगांव, कोलिहापुरी, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, तिरगा, झोला, भोथली, खाड़ा और रूदा सम्मिलित होंगे।
इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत भी शिविरों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित है। जिसके अनुसार 06 मई 2026 बुधवार को चीचा में शिविर आयोजित होगा, जिसके दायरे में भाठाकोकड़ी, मुडपार, डोड़की, देउरकोना, चीचा, अरसी, सुखरीकला, लिटिया, पुरदा, गाडाडीह, करेली, सेमरिया लि., जोगीगुफा, हसदा, चिखला, बिरेझर, खर्रा, रौता, टेमरी, फुण्डा, सिलतरा, नवागांव (पु), पथरिया (डो), डोमा, पोटिया (से.), सेवती, हिरी और मड़ियापार (परसदापार) ग्राम आएंगे। इसके बाद 13 मई 2026 बुधवार को मलपुरीकला में आयोजित शिविर में मलपुरीकला, अकोला, कपसदा, ओटेबंद, अछोटी, ढौर (हिगनाडीह), बोरसी, खपरी, पंचदेवरी, ढाबा, मुर्रा (सुरजीडीह), साकरा, कडरका और गोढी पंचायतों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। धमधा क्षेत्र में 15 मई 2026 शुक्रवार को राजपुर में शिविर लगेगा, जिसमें साल्हेखुर्द, नवागांव, कोनका, रौंदा, परसकोल, गोरपा, भिलौरी, पेंड्रावन, अकोली, ठेलका, बरहापुर, धरमपुरा, पगबंधी, अगार, राजपुर, पेंड्री, कुटहा, रक्शा, बिरझापुर, परसबोड़, खपरी, घौठा, खैरझिटी, घौटवानी, धूमा, अछोली और हिरेतरा, बिरेभाठ को शामिल किया गया है। इसके उपरांत 20 मई 2026 बुधवार को नारधा में शिविर का आयोजन होगा, जहाँ खेरधा, नारधा, मोंहदी, रिंगनी, नंदौरी, मुडपार, ओखरा, मुरमुदा, चेटुवा, लिमतरा, मलपुरीखुर्द, सण्डी, लहंगा, ढौर, खेरधी, बागडूमर, सेमरिया, अहेरी और बिरेभाठ ग्राम शामिल होंगी। 25 मई 2026 सोमवार को दारगांव में शिविर संपन्न होगा, जिसमें बिरौदा, दारगांव, मोहलई, टठिया, ठेंगाभाट, धौराभाट, छिराही, तरकोरी, मोहरेंगा, खजरी, कंदई, पेंड्रीतराई, कोकड़ी, हरदी, माटरा और गोता ग्राम जुड़ेंगे। 28 मई 2026 गुरुवार को कन्हारपुरी में आयोजित शिविर में परोड़ा, बसनी, दानीकोकडी, करेली, खिलौराकला, खिलौरा, कन्हारपुरी, जातार्घारा, डगनिया, सिरनाभाठा, नंदवाय, भरनी, नंदेली, देवरी, भिभौरी, रूहा, पेन्ड्री, सुखरीखु, गाड़ाघाट, घसरा, सिल्ली, परसुली, बोरी, परसदाखुर्द, दनिया, टेकापार, तुमाखुर्द, तुमाकला, पेंड्री गो, रहटादाह, मोतिनपुर, गोबरा, नवागांव, सोनेसरार, तितुरघाट, महराजपुर ग्राम शामिल होंगे। धमधा जनपद का अंतिम शिविर 03 जून 2026 बुधवार को मेड़ेसरा में आयोजित होगा, जिसमें सगनी, परसदा, कोडिया, मेडेसरा और पोटिया, देवरझाल, पिटौरा, धिकोडिया, गिरहोला, खपरी, घटियाखुर्द, पाहरा, डुमर, करहीडीह, नंदनीखुंदनी, पथरिया, सहगांव, सेमरिया (गि) ग्रामों के ग्रामीण शामिल हो सकेंगे।
इसी प्रकार जनपद पंचायत पाटन के लिए भी शिविरों की सूची तैयार है। जिसके अनुरूप जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत पहला शिविर 07 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला घुघवा (क) में लगेगा, जहाँ पचपेडी, खम्हरिया (कु), कोपेडीह, आँधी, सांकरा, उफरा, नारधी, पाहदा (अ), झीट, बटंग और घुघवा (ज) की पंचायतें शामिल होंगी। इसके बाद शिविर 11 मई 2026 सोमवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढौर में होगा। जिसमें ग्राम पंचायत पहंडोर, ढौर, सावनी, करसा, महकाखुर्द, अचाकनपुर, खुडमुडी, घुघवा (क), महकाकला, रवेली, तुलसी, मुडपार, राखी, चंगोरी, पतोरा, लोहरसी, चीचा, चुनकट्टा, तर्रा, अरसनारा, देवादा, फुण्डा, छाटा को सम्मिलित किया गया है। इसके पश्चात 14 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मर्रा में शिविर संपन्न होगा, जिसमें गोडपेन्ड्री, कानाकोट, सोरम, मानिकचौरी, गुढियारी, दैमार, सेलूद, गाडाडीह, बठेनौ, धौराभांठा, मर्रा, गुजरा, फेकारी, मटंग, पंदर, परसाही, सांतरा, कौही, सेमरी, द. मोखली की पंचायतें जुड़ेंगी। 21 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कौही में शिविर आयोजित होगा। जहाँ सिकोला, खम्हरिया (ड), कुर्मीगुण्डरा, बेलौदी, सिपकोन्हा, तेलीगुण्डरा, बोरीद, कुम्हली, सोनपुर, बेलौदी, खर्रा, तरीघाट, कुम्हली, जरवाय, केसरा, पौधा, बोरेंदा, भनसुली (क), गब्दी, कौही, असोगा पंचायतें शामिल होंगी। 01 जून 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामगांव (आर) में शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें पाहंदा (झा), भनसुली (आर), गातापार, रानीतराई, औसर, नवागांव बी, बटरेल, डिड़गा, करेला, टेमरी, अरमरीखुर्द, रेंगाकठेरा, बीजाभांठा, बोरवाय, किकिरमेटटा, भरर, धमना, आगोरसरा, जामगांव आर, खोला, बेल्हारी, सुरपा, मुलगहन, निवानी, ओदर्रागहन और अकतई ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए संपूर्ण जिले के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव सहायक नोडल अधिकारी का दायित्व संभालेंगे। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल और छाया-पानी जैसी मूलभूत बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम की तैनाती आवश्यक दवाइयों के साथ रहेगी और सुरक्षा व पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक एवं एसडीएम को सौंपी गई है। कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकतानुसार शिविर स्थलों पर हेलीपैड का चिन्हांकन और निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पुलिस और आबकारी विभाग के समन्वय से किया जाएगा। शिविरों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा की जाएगी, जबकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था विद्युत विभाग के साथ लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र, कूलर और पंखों की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला स्तरीय एवं विभाग प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने खंड और जोन स्तरीय अधिकारियों के साथ मैदानी स्तर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता लाना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
