जिला प्रशासन की मुस्तैदी से राजनांदगांव जिले में संपन्न बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई
सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुँचकर प्रशासनिक अमला के द्वारा वर-वधु एवं परिजनों को दी गई समझाईश
बालोद, 22 अप्रैल 2026/जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बालोद जिले में आज स्कूल के दाखिल-खारिज पंजी के आधार पर 21 वर्ष पूर्ण होने में 02 माह शेष होने वाले जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भर्रीटोला निवासी योगेन्द्र धनकर का विवाह संपन्न होने के पूर्व इसकी रोकथाम सुनिश्चित की गई। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशासनिक अमले के द्वारा सूचना मिलने के बाद तत्काल ग्राम भर्रीटोला 43 में पहुँचकर वर, वधु एवं उनके परिजनों को समझाईश देकर युवक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण नही होने तक विवाह नही करने के लिए राजी भी किया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय द्वारा कन्या के गृह जिला राजनांदगांव के जिला कार्यक्रम अधिकारी को ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव में 21 अप्रैल को संपन्न विवाह को तत्काल शून्य घोषित करने हेतु पत्र भी प्रेषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम भर्रीटोला 43 विकासखण्ड डौण्डी निवासी योगेन्द्र पिता हेमलाल धनकर का विवाह ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव निवासी आशा के साथ उनके गृह ग्राम साल्हेटोला में 21 अप्रैल को संपन्न हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय ने बताया कि चुंकि विवाह राजनांदगांव जिले में संपन्न हुआ है। इसके आधार पर विवाह का पंजीयन भी राजनांदगांव जिले में होगा। अतः जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव को इस विवाह को शून्य घोषित करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। पाण्डेय ने बताया कि वर, वधु एवं उनके परिजनों को समझाईश देकर वधु आशा को महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग के संयुक्त टीम एवं उनके परिजनों के साथ ससम्मान उनके गृह ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार इस मामले की सूचना मिलने के तत्काल बाद राजस्व, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभाग के संयुक्त टीम द्वारा ग्राम भर्रीटोला 43 में वर योगेन्द्र धनकर के निवास में पहुँचकर बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय ने वर, वधु एवं उनके परिजनों को बाल विवाह के दुष्प्रभाव एवं इसकी रोकथाम हेतु कानूनी प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी दी। इस मौके पर अधिकारियों ने वर योगेन्द्र के कुछ माह बाद 21 वर्ष की आयु पूरा होनेे के पश्चात दोनों परिवारों की सहमति से विवाह संपन्न करने की समझाईश भी दी गई। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड के आधार पर वर योगेन्द्र की आयु 23 वर्ष 10 माह 09 दिन पूरा हो गया है। लेकिन स्कूल के दाखिल-खाजिर पंजी के अनुसार योगेन्द्र की आयु 20 वर्ष 10 माह 09 दिन हुआ है तथा वधु आशा वर्तमान में पूरी तरह बालिग है। इस दौरान तहसीलदार देवेन्द्र नेताम तथा पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में वर योगेन्द्र के पिता हेमलाल धनकर को अपने पुत्र का बाल विवाह नही करने के संबंध में घोषणा पत्र भी भरवा कर इसका पंचनामा भी किया गया। इसके साथ ही वर, वधु एवं उनके माता-पिता, उनके परिजनों तथा इस दौरान उपस्थित लोगों से विवाह शून्य घोषित करने के संबंध में इनकी सहमति भी ली गई है। इस मौके पर एसडीएम सुरेश साहू एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
पाण्डेय ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह के इस प्रकरण के संबंध में जानकारी होने के उपरांत भी इसकी सूचना को गोपनीय रखते हुए बाल विवाह संपन्न कराने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालों के विरूद्ध कड़ा एक्शन लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ लोगों को बाल विवाह के पूरे मामले के संबंध में जानकारी होने के बावजूद उनके द्वारा तथ्यों को छुपाया गया एवं बाल विवाह के रोकथाम के संबंध में अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन नही किया गया। अतः इनके विरूद्ध बाल विवाह अधिनियम के अंतर्गत दल्लीराजहरा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
