1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार 2026
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर रहेगा विशेष फोकस, राज्य में सुशासन को मजबूत करने की पहल
बेमेतरा 20 अप्रैल 2026/- राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण को प्राथमिकता देते हुए “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराना है, जिससे सुशासन की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।
30 अप्रैल तक लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश
सुशासन तिहार से पूर्व 30 अप्रैल 2026 तक विभिन्न लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। इनमें शामिल हैं भूमि संबंधी मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के लंबित आवेदन, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएँ, हैंडपंप सुधार कार्य, उज्जवला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को सुनिश्चित करना।
जिले में 01 मई से 10 जून तक लगेंगे जन समस्या निवारण शिविर
“सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत बेमेतरा जिले में 1 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर शिविर, शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर। इन शिविरों में शासकीय योजनाओं की जानकारी एवं जन-जागरूकता, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का तत्काल लाभ, प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह में निराकरण, प्रत्येक आवेदक को निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से
जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी किया गया।
इन शिविरों में समय-समय पर माननीय मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिवों की सहभागिता भी रहेगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित होगी।
विकास कार्यों का औचक निरीक्षण
सुशासन तिहार के दौरान विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा लाभार्थियों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया जाएगा। यह प्रक्रिया मंत्री एवं सचिव स्तर पर भी अपनाई जाएगी। प्रत्येक जिले में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, आगामी कार्ययोजना पर चर्चा, राज्य स्तर से समीक्षा पत्रक भी उपलब्ध कराए जाएंगे। समीक्षा बैठक के बाद प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी तथा नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों से भेंट कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
राज्य शासन ने इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।
