केला के नीचे छुपाकर यूपी ले जा रहे साढ़े 4 करोड़ का 9 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त

महासमुंद। गांजा तस्करी के एक अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 912.760 किलोग्राम (लगभग 9 क्विंटल 12.760 किलोग्राम) गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपए आंकी गई है। मामला बसना थाना क्षेत्र की है।
केला परिवहन की आड़ में हो रही थी तस्करी
तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए केला परिवहन की आड़ का इस्तेमाल कर रहे थे। वाहन में लदे केले के बीच 29 बोरियों में गांजा छुपाकर परिवहन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का भी उपयोग किया जा रहा था।
मुस्तैदी से कार्रवाई, आरोपी गिरफतार
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक आईशर प्रो 2059 (क्रमांक AP 39 TT 4556) वाहन ओडिशा से पलसापाली बैरियर की ओर आ रहा है। सूचना पर तत्काल नाकाबंदी कर वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होने पर चालक अब्दुल नईम (42 वर्ष) पिता अब्दुल कलीम
निवासी मानगो, जमशेदपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) को गिरफतार किया गया है।
ओडिशा से उत्तरप्रदेश तक सप्लाई की थी योजना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गांजा ओडिशा से लाकर उत्तरप्रदेश में सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और फाइनेंशियल लिंक की जांच कर रही है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 336(2), 338, 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
जब्त संपत्ति का विवरण
912.760 किलोग्राम गांजा – 4,56,38,000
आईशर प्रो 2059 वाहन – ₹10,00,000
02 मोबाइल फोन – ₹7,000
04 फर्जी नंबर प्लेट (OD एवं UP नंबर)
कुल जब्ती: ₹4,66,45,000 (चार करोड़ छियासठ लाख पैंतालीस हजार रुपए)
तीन महीनों का रिकॉर्ड
महासमुंद पुलिस द्वारा पिछले तीन महीनों में:
72 प्रकरण दर्ज
5629.602 किलोग्राम गांजा जब्त
187 आरोपियों की गिरफ्तारी
52 छत्तीसगढ़ से
135 अन्य राज्यों से
संयुक्त टीम की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स एवं थाना बसना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई लगातार जारी है। तस्कर अलग-अलग तरीका अपना रहें हैं। मुखबिर और अन्य सोर्स से मिले इनपुट के के आधार पर तस्करी को रोका जा रहा है।
प्रतिभा पाण्डेय, एएसपी महासमुंद