पीलिया प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का सर्वे अभियान जारी

दुर्ग, 15 अप्रैल 2026/ वार्ड-67 सेक्टर-7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर 15 अप्रैल 2026 को डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग के मार्गदर्शन में विजय सेजुले, सुपरवाइजर, हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है। आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 110 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कोई भी पीलिया से ग्रसित नए मरीज नही मिले। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में आज दिनांक तक कुल 37 पीलिया के मरीज मिले, जिनमें से 03 पुराने मरीज श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भिलाई में उपचाररत है। 01 पुराना मरीज़ पल्स हॉस्पिटल भिलाई से डिस्चार्ज हुए, इस प्रकार कुल भर्ती मरीज 03 है । उक्त प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लक्षणयुक्त मरीजों की CBC/LTF/RFT/Widal व अन्य अतिआवश्यक जांच की जा रही है, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।
सर्वे के दौरान पानी नगर निगम भिलाई द्वारा सप्लाई किया जा रहा है, पाइप लाइन को बदला जा रहा है। बीएसपी भिलाई द्वारा पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग डॉ. मनोज दानी, जिला सर्वालेंस नोडल अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के द्वारा निरीक्षण किया गया। विकासखंड प्रशिक्षण अधिकारी, राजेंद्र डाहरे रिसाली, रोहित मंडले, पर्यवेक्षक, लैब टेक्नीशियन दीपक चंद्राकर रिसाली, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, पंकज राठौर, एमपीडब्ल्यू प्रिंस पीयूष टंडन, रमा शंकर यादव, पंकज राठौर अनिल धीमर उपस्थित रहे।
पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रकट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।