बिना अनुज्ञापन संचालित क्लीनिकों पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर
नर्सिंग होम एक्ट के तहत सभी मानकों का पालन कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश
कलेक्टर ने निजी चिकित्सालय संचालकों की ली बैठक
जशपुरनगर 14 अप्रैल 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना अनुज्ञापन अधिनियम, 2010 के अंतर्गत पंजीकृत समस्त निजी चिकित्सालयों के संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला परिवार एवं कल्याण अधिकारी सह नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट), नोडल अधिकारी (पी.सी.पी.एन.डी.टी.), जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला परियोजना समन्वयक (आयुष्मान भारत), अस्पताल प्रबंधक सहित जिले के सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों के संचालक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, आवश्यक जांच एवं दवाइयों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना है। बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष पहचान कर उनकी समय पर सोनोग्राफी कराने तथा प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को योजना के अंतर्गत निःशुल्क सेवाएं प्रदान करने के लिए निजी चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया। साथ ही योजना की मासिक रिपोर्ट संस्था-वार प्रस्तुत करने एवं प्रत्येक संस्था को विकासखंडवार मैप कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कलेक्टर ने नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत सभी निजी चिकित्सालयों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत सभी मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कहा गया। साथ ही कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर व्यास ने बिना अनुज्ञापन संचालित हो रहे क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध रूप से संचालित मेडिकल संस्थानों की सूची खंड चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश बैठक में दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
