बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को लेकर जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

– 10 मार्च 2024 से शुरू अभियान, 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
दुर्ग, 10 अप्रैल 2026/ जिले में बाल विवाह की पूर्ण रोकथाम के उद्देश्य से संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत राज्य शासन ने सभी जिलों को जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान 10 मार्च 2024 से शुरू किया गया है और चरणबद्ध रूप से वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर पर्यवेक्षक और परियोजना अधिकारी शामिल हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि सभी विवाहों का पूर्व पंजीयन हो सके और बाल विवाह की जानकारी समय रहते प्राप्त की जा सके। साथ ही, जिन क्षेत्रों या समुदायों में बाल विवाह की घटनाएं अधिक होती रही हैं, उन्हें चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाल विवाह एक सामाजिक बुराई के साथ-साथ कानून अपराध भी है। इसमें शामिल वर-वधू के अभिभावकों, रिश्तेदारों और विवाह कराने वाले व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं नगरीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और आम जनता से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की है। कलेक्टर सिंह ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिला स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आगामी 26 मार्च 2026 को रामनवमी एवं 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी सजगता के साथ कार्य करते हुए संभावित बाल विवाह की घटनाओं को रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही सभी संबंधित विभागों के मैदानी अमले को सक्रिय कर व्यापक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाल विवाह की पूर्ण रोकथाम के लिए तैयार की गई जिला स्तरीय कार्ययोजना को समय-सीमा में महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।