सोरीद में तीन दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य समापन, अशवंत हुए शामिल
आयोजन समिति ने किया पारंपरिक स्वागत, रामायण के आदर्शों पर दिया जोर
महासमुंद। ग्राम सोरीद में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा का समापन कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक एवं भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू शामिल हुए।
कार्यक्रम में आयोजन समिति द्वारा अतिथि का श्रीराम टोकरी भेंट कर, चंदन एवं गुलाल लगाकर पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया गया। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर अशवंत तुषार साहू ने अपने संबोधन में कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला आदर्श ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि रामायण सात कांडों—बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, युद्धकांड और उत्तरकांड—में विभाजित है, जो मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि को ‘आदिकवि’ कहा जाता है। वे पहले रत्नाकर नामक एक साधारण शिकारी थे, लेकिन महर्षि नारद के संपर्क में आने के बाद उन्होंने आत्मज्ञान प्राप्त किया और कठोर तपस्या के माध्यम से महान ऋषि बने। उनके जीवन में आए इस परिवर्तन के कारण ही वे ‘वाल्मीकि’ कहलाए। वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण को ‘आदिकाव्य’ माना जाता है, जिसमें लगभग 24,000 श्लोक हैं और यह संस्कृत भाषा में रचित है। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा के समापन पर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण का संचार किया।
