साइबर ठगी: 2.49 लाख की ठगी के मामले में झारखंड से 3 आरोपी गिरफ्तार

गूगल से फर्जी कस्टमर केयर नंबर लेकर किया ठगी, स्क्रीन मिररिंग ऐप से खाते से उड़ाए पैसे
महासमुंद। जिले की तुमगांव पुलिस और साइबर थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 लाख 49 हजार 988 रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में झारखंड के जामताड़ा-देवघर क्षेत्र से जुड़े साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी दिनेश कुमार ठाकुर, निवासी बिजरापाली (थाना तेंदुकोना) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके एसबीआई खाते से 2,49,988 रुपये की ठगी हो गई है। पीड़ित ने बताया कि उसने बुडमो कंपनी से कार का व्हील रिम ऑर्डर किया था, लेकिन ऑर्डर की स्थिति नहीं दिखने पर उसने गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर संपर्क किया।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए हेल्प डेस्क होस्ट ऐप डाउनलोड करवाया। ऐप इंस्टॉल करते ही आरोपी ने स्क्रीन मिररिंग के जरिए पीड़ित के मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बनाकर पूरी रकम निकाल ली।
तकनीकी जांच से झारखंड तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना टीम ने जांच शुरू की। डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपियों का लोकेशन झारखंड के देवघर जिले में मिला।
साइबर टीम ने एक सप्ताह की कड़ी मेहनत और तकनीकी विश्लेषण के बाद ग्राम बेहरापहरी (देवघर) में दबिश देकर तीनों आरोपियों—मुफितयाज अंसारी (19), इरफान अंसारी (40) और मोहम्मद मुख्तार अंसारी (60) को गिरफ्तार कर लिया।
देशभर में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सेकंड हैंड मोबाइल, वाई-फाई और विभिन्न ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। जांच में सामने आया कि इन आरोपियों के खिलाफ देश के 14 राज्यों में 36 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें कुल 12.26 लाख रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण और 2 सिम कार्ड जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 2 लाख 88 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ थाना तुमगांव में बीएनएस की धारा 318(4), 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कस्टमर केयर नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें। गूगल पर दिखने वाले नंबरों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। AnyDesk, TeamViewer, Helpdesk जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें। किसी के साथ ओटीपी, सीव्हीव्ही या पिन साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।