कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा की
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
बेमेतरा 26 मार्च 2026/- कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आरईएस (ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा) विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी सहायक, उपसंचालक पंचायत, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं बिहान योजना से जुड़े जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समय-सीमा और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 15 जून तक मानसून शुरू होने से पहले जिन भी कार्यों की स्वीकृति हो चुकी है, उन्हें हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क, नाली, भवन निर्माण, पंचायत भवन, सामुदायिक परिसंपत्तियों तथा मनरेगा के तहत चल रहे सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिन कार्यों में भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है, उन्हें तत्काल निरस्त कर संबंधित राशि की वापसी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि शासकीय राशि का दुरुपयोग न हो और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण कराया जाए तथा लाभार्थियों का पलायन रोकने के लिए लगातार फील्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवासों को निरस्तीकरण योग्य पाया गया है, उन्हें नियमानुसार निरस्त किया जाए और पात्र हितग्राहियों को ही योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आवास योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने सभी अधिकारियों को पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण, कार्यों की फोटो अपलोडिंग, समय पर मस्टर रोल का संधारण तथा तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंच सके।
बैठक में जिले में जल संरक्षण के कार्यों को गति देने पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव में सोखता गड्ढा, रिचार्ज पिट, जल संरक्षण संरचनाओं और वर्षा जल संचयन से संबंधित कार्यों का अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को बढ़ाया जा सके और भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने और जिले में विकास कार्यों को तेज गति देने की अपेक्षा जताई।
