खल्लारी मंदिर रोपवे हादसा: आस्था के सफर में मातम, केबल टूटने से ट्रॉली गिरी एक महिला की मौत
16 ज़ख्मी, 4 की हालत गंभीर, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह आस्था का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन सुबह करीब 10:30 बजे रोपवे का केबल अचानक टूट गया, जिससे श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली 20 फीट नीचे चट्टान से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में रायपुर निवासी 28 वर्षीय श्रीमती आयुषी धावरे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो गए। इनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
20 फीट चट्टान से टकराकर 200 फीट नीचे लुढ़का ट्रॉली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केबल टूटते ही ट्रॉली अनियंत्रित होकर पहले करीब 20 फीट नीचे पहाड़ी चट्टान से टकराई और फिर लुढ़कते हुए लगभग 200 फीट नीचे जा पहुंची। उस वक्त ट्रॉली में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत 7 श्रद्धालु सवार थे, जो मां के दर्शन कर नीचे लौट रहे थे।
ट्राॅली में यह थे सवार
इस हादसे के दौरान ट्राॅली में रायपुर राजातालाब निवासी श्रीमती आयुषी धावरे (28), उनके पति ऋषभ धावरे (29) और बेटा छायांश धावरे (16) और महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी (65), नमिता स्वामी (48), कुशमिता स्वामी (10) और मानसी गोडरिया (12) सवार थे। इनमें आयुषी की मौत हो गई।
घटना के समय नीचे से उपर की ओर जाने वाले दूसरी ट्राॅली में रायपुर टिकरापारा निवासी रतनलाल नागेश्वर (65), हेमलाल नागेश्वर (38), हेमिन नागेश्वर (62), कुलशी नागेश्वर (35), पूर्वी नागेश्वर (7) टिया नागेश्वर (3), अमलेश नागेश्वर (30), दलदल सिवनी निवासी कुमेश साहू (42), टोमेश्वरी साहू (30), हर्ष साहू (9) बैठे थे। उपर ट्राॅली का रोपवे का केबल टूटने कारण नीचे से उपर की ओर जाने वाली ट्राॅली थोड़ी दूरी तय करने के बाद असंतुलित होकर वापस लौट गई और जोरदार टकरा गई। एक की मौत, 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। और 10 लोगों को सामान्य चोटें आई है। गंभीर रूप घायलों को महासमुंद मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
ग्रामीण और पुलिस बने देवदूत, तुरंत शुरू किया रेस्क्यू
हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। हर ओर चीख-पुकार गूंजने लगी। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने घायलों को ट्राॅली से बाहर निकाला और पुलिस व निजी वाहनों से बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया।
नवरात्र की भीड़ में सुरक्षा पर उठे सवाल
चैत्र नवरात्र के चलते खासकर रविवार छुट्टी के कारण मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। ऐसे पवित्र अवसर पर हुई इस घटना ने रोपवे की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नियमित मेंटेनेंस की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है।
प्रशासन अलर्ट, जांच के आदेश
जिले के कलेक्टर विनय लंगेह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि घायलों का समुचित उपचार प्राथमिकता है। साथ ही पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और घायलों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है।
आस्था के रास्ते पर दर्द की छाया
मां के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं के इस सफर का अंत दर्द और मातम में बदल गया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि आस्था के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
