बीजापुर में डिजिटल सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
जिला पंचायत की एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं समन्वय बैठक संपन्न
बीजापुर 28 फरवरी 2025- जिला पंचायत बीजापुर के सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चैबे की उपस्थिति में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के अंतर्गत संचालित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के वीएलई, Common Services Centres ;CSC) संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यनरेगा, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य बैंकिंग सेवाएं- सीईओ महोदया ने सभी वीएलई को निर्देशित किया कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकिंग सेवाएं अनिवार्य रूप से संचालित करें, ताकि हितग्राहियों को नरेगा, महतारी वंदन योजना एवं पेंशन योजनाओं का भुगतान सीएससी केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर प्राप्त हो सके। इससे ग्रामीणों को भुगतान हेतु अनावश्यक आवागमन से मुक्ति मिलेगी तथा समय एवं धन की बचत होगी।
ई.डिस्ट्रिक्ट एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर- राज्य कार्यालय से उपस्थित प्रशिक्षक प्रदीप कुमार, मैनेजर, बीमा सेवा, ने निर्देशित किया कि वैध CSC आईडी धारक वीएलई ई.डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के आवेदन में भुगतान अनिवार्य रूप से CSC वॉलेट से करें। दूरस्थ ग्राम पंचायतों में कार्यरत वीएलई को ई.डिस्ट्रिक्ट सेवाएं प्रारंभ करने हेतु आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीणों को प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय न जाना पड़े।
मत्स्य, कृषि एवं श्रम सेवाओं की जानकारी- बैठक में National Fisheries Digital Platform ;NFDP) के अंतर्गत मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों के पंजीयन की जानकारी दी गई। साथ ही एग्री.स्टैक परियोजना के तहत शेष किसानों के पंजीयन, खसरा जोड़ने की प्रक्रिया तथा क्लस्टर आधारित कैंप के लिए वीएलई का रोस्टर तैयार किया गया। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग की सेवाओं जैसे ई.श्रम पंजीयन एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत पंजीयन प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
डिजीपे, बीमा एवं अन्य सेवाओं का प्रशिक्षण- DigiPay सेवा के माध्यम से नकद जमा.निकासी जैसी बैंकिंग सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रशिक्षण दिया गया, जो विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। सीएससी के माध्यम से पासपोर्ट एवं पैन कार्ड आवेदन, IRCTC आईडी प्राप्त करना, ट्रेन, बस टिकट बुकिंग, मोटर, जीवन, पशु एवं फसल बीमा पंजीयन तथा प्रीमियम संग्रहण की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया। बीमा सेवा प्रारंभ करने हेतु सीएससी पोर्टल से परीक्षा पंजीयन की जानकारी दी गई तथा बैंकिंग सेवाएं प्रारंभ करने के लिए वीएलई को प्राधिकरण पत्र वितरित किए गए।
वीएलई हेतु मासिक ट्रांजैक्शन लक्ष्य निर्धारित- कार्यक्रम में नव नियुक्त सीएससी जिला प्रबंधक, दंतेवाड़ा मिथलेश साहू भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि जिन वीएलई की आईडी बंद हंे, उनका भौतिक सत्यापन के उपरांत पुनः संचालन किया जा रहा है। सभी अटल पंचायत वीएलई को निर्देशित किया गया कि वे अपने ग्राम पंचायत में नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित रहकर प्रतिमाह न्यूनतम 100 ट्रांजैक्शन क्पहपच्ंल एवं बैंकिंग किओस्क के माध्यम से सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को अधिकतम डिजिटल एवं जनसेवा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल- प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह बैठक ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल, वित्तीय एवं जनसेवा सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।
