कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ पहुंच रहे हैं ग्रामीणों के बीच

महासमुंद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर कांग्रेस द्वारा जिले में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण महासमुंद की टीम ग्राम जोबा और छपोराडीह पहुंची, जहां ग्रामीणों के बीच जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र सरकार की नीतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा कार्यस्थलों पर पहुंचकर ग्रामीण मजदूरों से संवाद किया और योजना के स्वरूप में किए जा रहे बदलावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा आधार रहा है, लेकिन वर्तमान नीतियों के कारण इसके संचालन और प्रभाव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कार्यक्रम प्रभारी एवं जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरुण चंद्राकर ने कहा कि मनरेगा के संचालन में पंचायतों की भूमिका सीमित किए जाने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम शुरू करने में कठिनाई आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि योजना में वित्तीय हिस्सेदारी के नए प्रावधान से राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिससे कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका है।
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है और इसे मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि पर्याप्त कार्य उपलब्ध नहीं होंगे, तो मजदूरों को रोजगार मिलने में कठिनाई हो सकती है। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष अनु चंद्राकर, खिलावन साहू, सरपंच श्यामकुमारी महिलांग (जोबा), सरपंच हीरालाल निषाद (छपोराडीह), किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानिक साहू, लक्ष्मण पटेल, गिरधर आवड़े, थानू यादव, देवसिंह यादव, संजय बंजारे, चेतन साहू, रूपेश महिलांग, केशव चौधरी, ममता चंद्राकर, रोहित ध्रुव, भोंकलू साहू, गोवर्धन बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।