जिले में वीबी जी रामजी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सचिवों की हुई बैठक

कोण्डागांव, 06 फरवरी 2026/ जनपद पंचायत कोंडागांव के सभाकक्ष में वीबी जी रामजी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वीबी जी रामजी से जुड़ी योजनाओं, उनके लक्ष्यों, कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर प्रभावी अमल को लेकर सचिवों को विस्तृत जानकारी देना तथा भविष्य की कार्ययोजना तय करना रहा। बैठक में जनपद पंचायत अंतर्गत कार्यरत सभी ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे। साथ ही जिला व जनपद स्तर के अधिकारी, तकनीकी अमला और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में वीबी जी रामजी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अविनाश भोई ने बताया कि यह कार्यक्रम ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से ग्राम स्तर पर योजना निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी को सुदृढ़ किया जाना है ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
बैठक में बताया गया कि वीबी जी रामजी का प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायतों में सुशासन को बढ़ावा देना, वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत ग्राम सभाओं को सक्रिय करना, योजनाओं की प्राथमिकता तय करने में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना और पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना शामिल है।
भोई ने सचिवों को बताया कि वीबी जी रामजी के तहत ग्राम पंचायतों में डिजिटल रिकॉर्ड संधारण, योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और समयबद्ध कार्य निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि आम नागरिकों का पंचायत व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तम महोबिया ने कहा कि सचिव ग्राम पंचायत की प्रशासनिक रीढ़ होते हैं और वीबी जी रामजी की सफलता काफी हद तक उनकी कार्यकुशलता, ईमानदारी और सक्रियता पर निर्भर करती है। सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं की जानकारी स्वयं स्पष्ट रूप से समझें और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों तक सही ढंग से पहुंचाएं साथ ही वीबी जी रामजी के तहत सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार कर जनपद पंचायत को भेजना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कार्यों में आने वाली समस्याओं, चुनौतियों और समाधान के सुझावों को भी समय-समय पर साझा करने के निर्देश दिए गए।
वीबी जी रामजी के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें बुनियादी ढांचे के विकास, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रही। इन सभी योजनाओं के उद्देश्य ग्राम स्तर पर जीवन स्तर में सुधार लाना और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है।
बैठक में विशेष रूप से यह बताया गया कि योजनाओं का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य हो सके। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम सभाओं का नियमित आयोजन सुनिश्चित करें और ग्रामीणों की समस्याओं व सुझावों को योजनाओं में शामिल करें।
बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही को वीबी जी रामजी की आत्मा बताते हुए जानकारी दिया गया की सभी वित्तीय लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे और प्रत्येक कार्य का विवरण पंचायत कार्यालय में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस योजना में कितना बजट स्वीकृत हुआ है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है। सचिवों को यह भी बताया गया कि सोशल ऑडिट और जनसुनवाई जैसी प्रक्रियाओं को नियमित रूप से अपनाया जाएगा। इससे न केवल योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।
इस संबंध में सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव ने बताया कि वीबी जी रामजी कार्यक्रम को जिले के समग्र ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वीबी जी रामजी केवल एक योजना नहीं ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की एक व्यापक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से ग्रामीणों तक पहुंचे। ग्राम पंचायत सचिव इस प्रक्रिया के प्रमुख स्तंभ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही यह कार्यक्रम सफल हो सकता है।