वन अपराध के प्रकरण पर निरंतर कार्रवाई जारी
वनमंडल बालोद द्वारा अवैध परिवहन, आरामिलों, वन्यप्राणी शिकार एवं वन्यप्राणी पक्षी विक्रय के प्रकरणों में हुई कार्रवाई
बालोद, 29 जनवरी 2026/जिले में वन विभाग द्वारा अवैध परिवहन, आरामीलों की जांच, वन्यप्राणी शिकार एवं वन्य प्राणी पक्षी के विक्रय पर निरंतर कार्रवाई कार्रवाई की जा रही है। वनमण्डलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि वन परिक्षेत्र डौण्डी लोहारा में प्राप्त शिकायत के आधार पर साहू मिल चिल्हाटीकला के परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 19 एच 9654 में मिश्रित प्रजाति के कहुआ, हल्दू, मुण्डी, महुआ, तेन्दू एवं अन्य प्रजाति के काष्ठ भरे हुए पाए गए। इस दौरान परिवहन संबंधित किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने पर जप्ती की कार्यवाही कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 13/02 दिनांक 28 जनवरी 2026 दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसी तरह आरामील संचालकों पर भी अवैध व्यापार, अवैध संग्रहण करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। इसी तरह 27 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र डौण्डी के वन अमले के द्वारा आमाडुला से डौण्डी मुख्य मार्ग में ग्राम चिहरों में बीट गस्ती के दौरान वाहनों में मिश्रित जलाऊ खोड़ लगभग 04 चट्टा अवैध परिवहन बिना किसी वैद्य कागजात के पाया गया। जिसे वन उपज अभिवहन अनुज्ञा 2001 के तहत जप्ती कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 89/02 दिनांक 27 जनवरी 2026 दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
इसी तरह 26 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा को वन्यप्राणी तोता विक्रय करने की सूचना प्राप्त होने पर, तत्काल वन अमले दल्लीराजहरा द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कनेश्वरी बाई, जमुना बाई द्वारा वन्यप्राणी तोता विक्रय करते हुए पाया गया। मौके पर 09 नग तोता एवं 02 नग पिंजरा जप्त कर, वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20429/16 दिनांक 26 जनवरी 2026 जारी कर नियमानुसार कार्यवाही की गई। इसी तरह 25 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र लोहारा के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा गश्त के दौरान ग्राम उरेटा से सिरपुर मार्ग पर राजस्व क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा जंगली सुअर का मांस ले जाया जा रहा था, उससे पूछताछ कर थैली की जांच करने पर जंगली सुअर एवं जंगली बिल्ली का मांस जप्त करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20/03 दिनांक 25 जनवरी 2026 दर्ज किया गया। इस तरह उक्त प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है।
