गाइडलाइन दरों पर तर्कसंगत आपत्ति 31 दिसम्बर से पहले करना होगा प्रस्तुत
नारायणपुर, 10 दिसम्बर 2025// भूमि और भवन की रजिस्ट्री के लिए लागू होने वाली छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम 2000 के उपबंधो में किए गए संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हालांकि गाइडलाइन की मौजूदा 20 नवबर 2025 से प्रभावी दरें फिलहाल यथावत रहेंगी, बढ़ाई गई नई दरों पर मिले सभी ज्ञापनो और सुझावों की जांच जिला मूल्यांकन समिति कर रही है। समिति अपने संशोधित प्रस्ताव 31 दिसंबर 2025 तक केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज देगी, बाद में इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर नई गाइडलाइन दरें तय होंगी, नई दरें तभी लागू होंगी जब केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड उन्हें मंजूरी दे देगा।
फिलहाल जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जो भी व्यक्ति नई दरों को लेकर आपत्ति सुझाव या दावा देना चाहता है, वह 31 दिसंबर 2025 से पहले उपपंजीयक कार्यालय नारायणपुर में आवेदन कर सकते है, यह स्पष्ट है कि जो भी आपत्ति दर्ज कराई जाए उसमें दो बातें अनिवार्य होंगी, पहला वर्तमान दर पर आपत्ति का स्पष्ट और उचित कारण और दूसरा जिस दर का प्रस्ताव दिया जा रहा है, उसका तार्किक और युक्तिसंगत आधार।
उपबंधों में हुए संशोधन से जमीन खरीदने बेचने वालों को पहले का तुलना में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन नई गाइडलाइन दर तय होने तक रजिस्ट्री की तय गति प्रभावित बनी रहेगी।
ये संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं
शहर बेसमेंट व प्रथम तल पर 10 प्रतिशत दूसरे तल पर 20 प्रतिशत छूट संपत्ति मूल्यांकन को सरल करते हुए कई राहतें दी हैं, अब नगर निगम में 50 एवं नगर पालिका में 37. 5 और नगर पंचायत में 25 डिसमिल तक स्लैब दर से मल्यांकन होगा। स्लैब दर से मूल्यांकन होगा।
बहुमंजिला भवनों में फ्लैट दुकान और कार्यालय का मूल्यांकन सुपर सुपर बिल्टअप के बजाय बिल्टअप एरिया से होगा। बेसमेंट व प्रथम तल पर 10 प्रतिशत और दूसरे तल व ऊपर पर 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूर कमर्शियल संपत्तियों की दर 25 प्रतिशत घटेगी।
ग्रामीण में परिवर्तित सिंचित भूमि का 2.5 गुना मूल्य नहीं जुडेंगा, ग्रामीण क्षेत्र में परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि का 2.5 गुना मूल्य जोडने दो फसली भूमि पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य ट्यूबवेल कुंआ, वाणिज्यिक फसलें और वृक्षों का मूल्य जोडने की व्यवस्था समाप्त हो गई है. शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में 25-37.5 डिसमिल कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर की जगह हेक्टेयर दर से होगा। तालाब मछली टेंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर तथा बाउण्ड्रीवॉल एवं पिंलथ लेवल जोडने का प्रावधान भी हटा दिया गया है।
