प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, तीन करोड़ की वित्तीय सहायता, ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
गरियाबंद, 28 नवम्बर 2025। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अन्तर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत पात्र आवेदकों को अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आवेदन के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, पेन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, मशीनरी का कोटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य है। योजना में कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति उद्यमी निर्धारित है। लाभार्थी द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान अनिवार्य रूप से वहन किया जाएगा तथा शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना के अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा जिसमें पोहा उद्योग, मिनी राइस मिल, बेकरी उत्पाद, सेवईयां निर्माण, नमकीन निर्माण, पशु आहार उत्पादन, आचार एवं मसाला निर्माण, टमाटर सॉस निर्माण, मक्का प्रोसेसिंग, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी आधारित उत्पाद, फल, फूल, सब्जी प्रसंस्करण उद्योग, हर्बल उत्पाद तथा लघु वनोपज आधारित इकाइयाँ सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत इच्छुक आवेदक योजना की अधिकृत पोर्टल एचटीटीपीएस पीएमएफएमई डॉट एमओएफपीआई डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिले के व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विभाग में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिले के सभी विकासखंडों में डिस्ट्रीक्ट रिसोर्स पर्सन (डी.आर.पी.) की नियुक्ति की जाएगी। इस संबंध में योग्य इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार डी.आर.पी. पद के लिए आवेदक का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का ज्ञान आवश्यक है। डी.आर.पी. का मुख्य दायित्व योजना अंतर्गत नए आवेदनों की तैयारी, लाभार्थियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना है। योजना के स्वीकृत प्रत्येक प्रकरण पर डी.आर.पी. को मानदेय का भुगतान बैंक के माध्यम से किया जाएगा। प्रकरण स्वीकृति, वितरण के उपरांत प्रति प्रकरण 20 हजार रुपये की दर से मानदेय देय होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थी जिले के व्यापार एवं उद्योग केंद्र, गरियाबंद, संयुक्त जिला कार्यालय, कक्ष क्रमांक 92 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
