देवी मंदिरों में दर्शन के लिए सुबह से लगा रहा श्रद्धालुओं की भीड़
मां महामाया सिद्ध शक्तिपीठ में अभिजीत मुहूर्त में ज्योत प्रज्जवलित
महासमुंद। मां शक्ति की अराधना का पर्व शारदेय नवरात्र आज से शुरू हो गया। शक्तिपीठों में सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। आज सुबह अभिजीत मुहूर्त में नगर की अधिष्ठात्री देवी मां महामाया सिद्ध शक्तिपीठ में घट स्थापना के बाद विधिवत पूजा-अर्चना पश्चात मुख्य मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित की गई। वहीं कुम्हार पारा व अन्य स्थानों से मां की प्रतिमाओं को पंडालों में ले जाने का सिलसिला जारी रहा।
बता दें कि सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार साल में कुल चार नवरात्रि आती है, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि, दो प्रमुख चैत्र और शारदीय नवरात्रि होती हैं। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्रि मुख्य रूप से गृहस्थ लोग मनाते हैं। शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। इस पर्व को बड़े ही धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्र का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है। सामान्यत: नवरात्र नौ दिन का होता है, लेकिन इस बार यह उत्सव दस दिन तक मनाया जाएगा। नवरात्र में चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ रही है। 25 और 26 सितंबर दोनों दिन चतुर्थी तिथि रहेगी। इस कारण श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना और अनुष्ठान के लिए एक दिन अतिरिक्त मिलेगा। नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी दुर्गा की उपासना करने से सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज से नवरात्रि शुरू होने साथ ही शक्तिपीठों में सुबह से ही भक्तजन पूजा-अर्चना के लिए मां महामाया मंदिर, मां शीतला मंदिर, मां रामेश्वरी मंदिर, बिरकोनी चंडी मंदिर, भीमखोज खल्लारी और घुंचापाली चंडी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में पहुँचने लगे हैं। आज सुबह शुभ मुहूर्त में नगर स्थित मां महामाया शक्तिपीठ में पुजारी ने मुख्य ज्योत प्रज्ज्वलित की। इस दौरान भक्तों के जयकारे से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि घट स्थापना के साथ ही मनोकामना ज्योत की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। भक्तजन लगातार मनोकामना ज्योत के लिए रसीद कटा रहे हैं।
मुख्य आकर्षण का केन्द्र होगा दादाबाड़ा और आंबेडकर चौक की झांकी
जिले में शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवरात्रि के अवसर पर जिले के सभी देवी मंदिरों सहित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में माता की प्रतिमा की स्थापना की गई जाती हैं। अलग-अलग झांकियों के साथ माता की एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रतिमा सभी का मनमोह लेती हैं। शहर के बस स्टैंड दुर्गा पूजन समिति द्वारा इस साल लगभग 16 लाख रुपए से निर्मित पंडाल को बस्तरिहा आर्ट खास खदर से निर्मित किया गया है। जिसमें बस्तर की विभिन्न कलाकृतियां और संस्कृति दर्शाई गयी है। जबकि, पंडाल में माता दुर्गा की बैठी हुई मुद्रा में 13 फीट की प्रतिमा विराजित होंगी और मुख्य आकर्षण माता द्वारा भस्मासुर राक्षस का वध करती चलित झांकी होगी। जबकि, एक ओर श्री हनुमान जी की चलित झांकी में वे चक्कर काटते हुए चुटकी बजाती मुद्रा में राम नाम का जाप करते दिखाई देंगे। बस स्टैंड दुर्गा उत्सव आयोजन समिति के सदस्य एवं पार्षद भाऊराम साहू ने बताया कि इस बार शहरवासियों को कुछ नया देखने को मिलेगा। माँ जगदम्बा के दर्शन पूर्व पंडाल के प्रवेश द्वार पर अहिंसा द्वार पर श्री जगन्नाथ, सुभद्रा और बहन सुभद्रा के पहले दर्शन बलभद्र के होंगे। पश्चात भक्तगण अंदर प्रवेश कर माता रानी का दर्शन करेंगे। वहीं अंबेडकर चौक स्थित समिति द्वारा वाराणसी गंगा आरती की तर्ज पर झांकी तैयार की जा रही है। इस झांकी में वाराणसी के गंगाघाट तैयार किया जा रहा है, जहां गंगा आरती होती दिखाई देगी।
