चावल की अफरातफरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

एनएसयूआई ने खाद्य अधिकारी व एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
महासमुंद। शहर की 3 उचित मूल्य दुकानों में लाखों के चावल अफरातफरी करने के मामले में एनएसयूआई पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शाहबाज राजवानी के नेतृत्व में जिला खाद्य अधिकारी तथा एसडीएम महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शाहबाज राजवानी ने कहा कि मार्च में सत्यापन में चावल की कमी पाई गई थी। बाद 6 महीने उपरांत भी कार्रवाई नहीं हो पाई, ना ही चावल की वसूली की गई और न ही दोषियों पर कार्रवाई की गई। इससे चावल की हेराफेरी में शामिल लोगों के हौसले बुलंद हैं तथा भविष्य में इनके द्वारा और वृहद स्तर पर हेराफेरी को अंजाम देने से इनकार नहीं किया जा सकता। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए गए हैं उन पर शीघ्र एफआईआर कर वसूली की कार्रवाई की जाए। मामले में संलिप्त समितियों व संचालकों ने गरीब हितग्राहियों के अधिकारों का हनन करते हुए शासकीय खाद्यान्न का गबन किया है। यह आचरण न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पूरी व्यवस्था को कलंकित करता है, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का गंभीर उल्लंघन भी है। खाद्य विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी दोषियों ने निर्धारित समय में कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया और न ही गबन की गई राशि जमा की। यह उनकी संलिप्तता और अपराध की गंभीरता को और स्पष्ट करता है। अत: दोषी समितियों एवं संचालकों के विरुध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए। दोषियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की समिति या सार्वजनिक वितरण प्रणाली संचालन से स्थायी रुप से प्रतिबंधित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में शुभम चंद्राकर, होरीलाल साहू, मोहम्मद शादाब, रतन पाल, मोहित साहू, बबलू कन्नौज, आशीष चंद्राकर, भुवनेश्वर दीवान, फलेन्द निषाद, निशु मिश्रा आदि शामिल हैं।