महिला ऋण कोष एवं सक्षम योजना के तहत समूहों केे अधिक से अधिक प्रकरण तैयार कर प्रस्तुत करें : कलेक्टर

महिला बाल विकास की समग्र योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध हुई समीक्षा बैठक
दंतेवाड़ा, 04 अगस्त 2025। कलेक्टर  कुणाल दुदावत द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के योजनाओं की विस्तृत समीक्षा किया गया। समीक्षा की शुरुआत में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका भर्ती के संबंध में सभी महिला बाल विकास परियोजना अधिकारियों को त्वरित भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की त्रैमासिक कार्ययोजना बनाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को कहा। महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके अंतर्गत लंबित भुगतान वाले हितग्राहियों का आधार अपडेट कर तुरंत लाभान्वित करने हेतु निर्देशित किये। बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लक्ष्य पूर्ति नही होने के कारण सभी परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षक के लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन, मातृ वंदना योजना शासन की अति महत्वपूर्ण फ्लैगशिप स्कीम है, जिसकी लक्ष्य की पूर्ति 15 अगस्त तक पूर्ण कर लेवें। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व महिला बाल विकास के अधिकारियों को आपसी समन्वय करते हुए अति गंभीर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर पोषण पुनर्वास केंद्र ‘‘एनआरसी‘‘ में शत प्रतिशत को भर्ती कराये और इस संबंध में किसी भी प्रकार  लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी। बैठक के एजेंडे में पोषण ट्रैकर संबंधी बिन्दुओं  हितग्राहियों  के फेस रिकॉग्निशन प्रणाली  शत-प्रतिशत   क्रियान्वित करने हेतु निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी सेक्टरों में पात्र हितग्राहियों के फेस कैप्चर एवं ईकेवायसी प्रतिशतता में वृद्धि लाये।
बैठक में कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ महिला ऋण कोष एवं सक्षम योजना के तहत प्रत्येक परियोजना को कम से कम 30 प्रकरण तैयार लक्षित समूहों को लाभान्वित प्रक्रिया में तेजी लाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सेक्टर सुपरवाइजर अपने निरीक्षण के दौरान महिलाओं, किशोरी बालिकाओं एवं बच्चों को दिये जाने वाले पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता को अवश्य जांच करें। साथ ही उन्हें प्रदाय किये जाने वाले आयरन फोलिक दवाईयां की उपलब्धता और उसके वितरण की अवष्य जानकारी लेते हुए पंजी संधारण किया जाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा अगस्त माह में आयोजित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जन-जागरूकता अभियान चलाते हुए निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन करें। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना के तहत लंबित आवेदनों को भी एक सप्ताह के अंदर निराकृत करने हेतु कलेक्टर द्वारा निर्देषित किए। बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत समाज कल्याण विभाग से समन्वय करते हुए दिव्यांग एवं अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को भी अधिक से अधिक लाभान्वित करने को कहा। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि दिए गए दिशा-निर्देश अनुरूप सभी परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षक पालन करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का सुचारू रूप से संचालन करेगे। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी  वरुण नागेश, डीडब्ल्यूसीओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।