मृतक किसान के परिजनों से मिलने पहुंचे राकेश टिकैत

मुख्यमंत्री से मुआवजे के लिए लिखेंगे पत्र
बोला -किसान क़र्ज़ के मकड़जाल में फसता चला जाता है
महासमुंद । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम सिंघनपुर के किसान पुरन निषाद (57) के आत्महत्या के मामले में किसान नेता राकेश टिकैत पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे। उनके साथ भारतीय किसान यूनियन बुलंदशहर के जिला अध्यक्ष चौधरी अरनसिंह, छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा नरवाल, प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, महासमुंद जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर भी मौजूद रहे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत सोमवार को ग्राम सिंघनपुर पहुंचे। टिकैत ने मृतक की पत्नि पंचवती निषाद , पुत्र कुलेश्वर निषाद, टिकेश्वर निषाद से मुलाक़ात कर अपनी संवेदना व्यक्त की है। इसके अलावा उन्होंने मृतक किसान के खेत का भी जायजा लिया। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर पीड़ित परिवार को सहयोग प्रदान करने केंद्रीय कार्यालय के माध्यम से पत्र प्रेषित करने की बात कही है।
टिकैत ने कहा कि किसान बैंक के क़र्ज़ के अलावा निजी क्षेत्र से भी क़र्ज़ लेकर खेती करते हैं और क़र्ज़ न अदा कर पाने की स्थिति में किसान का जमीन चला जाता है। क़र्ज़ का ऐसा मकड़जाल में किसान फसता चला जाता है। इसके बाद राकेश टिकैत ओडिशा के लिए रवाना हो गए।
बता दें कि मृतक किसान के पास करीब पौने तीन एकड़ स्वयं की क़ृषि भूमि है तथा करीब दो एकड़ रेघा में लेकर खेती किसानी करता है जो इस वर्ष रबी फसल धान बोया था। सिंचाई के लिए स्वयं के नाम स्थायी बिजली कनेक्शन है। पुराने बोर में मोटर पंप फंस जाने के कारण उसमें दूसरा मोटर पंप लगाकर सिंचाई करता था। इस प्रकार खेती करने के लिए मृतक किसान द्वारा ग्रामीण बैंक शाखा झलप से करीब एक लाख 55 हजार रुपये का केसीसी कर्ज लिया है। इसके अलावा करीब दो लाख रुपये अन्य लोगों से कर्ज होना बताया है। बिजली कटौती, लो वोल्टेज की समस्या के कारण खेतों की सिंचाई पूरा नहीं होने से धान फसल सुख रहा था जिससे किसान बहुत ही ज्यादा चिंतित रहता और अपने परिवार से हमेशा चर्चा किया करता था कि फसल नहीं होने से कर्ज कैसे चुकायेंगे।