मोदी की एक और गारंटी पूरी, मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का किया शुभारंभ

सक्ती, 20 जनवरी 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए वादों और गारंटी को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक और कदम बढ़ा दिया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के उत्थान के लिए शुरू की जा रही दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। योजना के शुभारम्भ अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर सभाकक्ष में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए l प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की गारंटी को साकार करने के तहत छत्तीसगढ़ सरकार यह योजना लागू कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित वीडियो कांफ्रेसिंग में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार, अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर व उप जिला निर्वाचन अधिकारी के एस पैकरा, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे l
हमारे छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर करती है लेकिन ऐसे लोग भी हैं जिनके पास कृषि भूमि भी नहीं है और वे कृषि मजदूरी कर जीविकोपार्जन करते हैं। उन्हें ध्यान में रखते हुए हमने भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहनों से भी एक वादा किया था। हमने कहा था कि उन्हें 10 हजार रुपये सालाना आर्थिक सहायता देंगे। आज हमने इस वादे को पूरा किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज न्यू सर्किट हाउस स्थित आडिटोरियम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल 5 लाख 62 हजार 112 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है। इस योजना के तहत पाँच सौ 62 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये हम भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भूमिहीन मजदूर हितग्राहियों को 10 हजार रुपए की राशि का चेक वितरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम के माध्यम से प्रदेश के भूमिहीन मजदूर परिवारों के आर्थिक समृद्धि का जो संकल्प हमने लिया था, वह आज साकार हो रहा है। श्री साय ने कहा कि यह योजना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को भी सुरक्षित बनाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर गरीब और भूमिहीन परिवार खुशहाल हो। यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगी।

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