साइबर क्राइम व वित्तीय साक्षरता पर कार्यशाला, प्रभारी कलेक्टर ने बिहान की महिलाओं को साइबर धोखाधड़ी से बचने किया जागरूक

गरियाबंद 16 जनवरी 2024। जिला पंचायत और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत स्वसहायता समूहों की दीदियों के लिए साइबर क्राइम और वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं और उनसे बचने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, एसडीओपी निशा सिन्हा, सहित बैंक एवं प्रशासन की टीम द्वारा समूह की महिलाओं को ऑनलाईन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के संबंध में जागरूक किया। कार्यशाला में मौजूद समूह की महिलाओं ने ऑनलाईन साइबर फ्रॉड से बचने के बताये गये उपायों को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान श्रीमती यादव ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी एवं ओटीपी आदि को नहीं बताना चाहिए। मोबाईल पर आये अनजान लिंक एवं एप्लीकेशन को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। इससे मोबाईल हैक होने एवं बैंक खाते से पैसे चोरी होने का खतरा रहता है। उन्होंने इस संबंध में समूह की महिलाओं को जागरूक करते हुए अपने बच्चों एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यशाला में दीदियों को अभिव्यक्ति ऐप के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि इस ऐप के जरिए वे सीधे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। एसओएस बटन दबाने पर घर के किसी सदस्य को तुरंत अलर्ट संदेश पहुंच जाएगा। इसके अलावा, ट्रू-कॉलर एप्प के उपयोग के बारे में समझाया गया। रेड कलर से चिन्हित स्पैम कॉल्स को न उठाने और केवल ब्लू चिह्नित नंबरों पर भरोसा करने की सलाह दी गई। कार्यशाला में समूह की दीदियों को सतर्क रहने और कहीं भी अनियमित निवेश न करने की सलाह दी गई। साथ ही अनजान एपीके फॉर्मेट फाइल डाउनलोड करने से बचने को कहा गया, क्योंकि इससे फोन का पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है। हर 15 दिन या महीने में अपने कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स का पासवर्ड बदलें। अनजान लिंक या संदेशों पर क्लिक न करें। निवेश करते समय प्रमाणित संस्थानों पर ही भरोसा करें। कार्यशाला के दौरान दीदियों ने साइबर अपराध और वित्तीय साक्षरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल का स्वागत किया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस जानकारी से दीदियां खुद के साथ-साथ अपने समूह और समुदाय को भी सुरक्षित रखेंगी। अपने मोबाईल को संबंधित बैंक में पंजीकृत करवायें। समय-समय पर खाता-पासबुक चेक करें। ओटीपी का उपयोग सावधानी पूर्वक करें। ओटीपी किसी से शेयर न करें। अपना पासवर्ड सुरक्षित रखें एवं समय-समय पर बदलते रहे। शंका होने पर बैंक से तथा बैंक के टोलफ्री नंबर पर संपर्क करें। कार्ड स्वेप मशीन का उपयोग स्वयं करें। पासवर्ड छुपाकर अकित करें। कार्ड उपयोग होने के उपरांत कार्ड को उल्टा कर पुनः स्वैप करें। एटीएम कार्ड खोने पर तत्काल बैंक को सूचित करें। एटीएम कार्ड नं., पिन नं. वैधता तिथि किसी से शेयर न करे। अपना पर्सनल जानकारी किसी को न करे, अति आवश्यक होने पर बैंक जाकर जानकारी चेक करे, फ्राड काल, ईनामी मैसेज से बचे, समय समय पर अपना एटीएम कार्ड पासवर्ड बदलते रहे, किसी भी साईट में सर्च करने से पहले अपनी गोपनीय दस्तावेज अपलोड न करें। एटीएम और ओटीपी नम्बर किसी को भी न बतायें, डेबिट कार्ड फ्रॉड से इस तरह से आप बच सकते है। यह लोग डेबिट/केडिट कार्ड बंद होने की बात कह कर लोगों को भ्रम में डालते हैं। अपने आप को बैंक का अधिकारी बताते हैं। आधार कार्ड अपडेट करने के नाम पर ओटीपी मांगते है।अगर आपका कार्ड चोरी हो गया है तो अपना डेविट क्रेडिट कार्ड का पिन नम्बर आपको उसे तुरंत ब्लाक करवाना चाहिए भूलकर भी किसी के साथ साझा न करें। हमेशा सिक्योर पेमेंट गेटवे से ही भुगतान करें। पासवर्ड को लिखकर या मोबाईल में न रखें। एटीएम में किसी अनजान व्यक्ति से न सहयोग ले, न ही सहयोग दें। अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लॉटरी के नाम पर ठगी किया जाता है, उनसे बचे। टॉवर लगाने के नाम पर ठगी लालच में न आयें। इश्योरेंस कंपनी के फर्जी अधिकारी बनकर ठगी होती है। इसकी जांच पड़ताल करे। चेहरा पहचानों, ईनाम जीतो प्रतियोगिता पर ध्यान न देखें। फर्जी चिट फंड कंपनी के झांसे में आकर पैसा इनवेस्ट न करें। जेवर चमकाने के नाम पर ठगी, फर्जी बाबाओं से सावधान रहें। लोन (ऋण) के नाम पर ठगी फर्जी फोन कॉल से बचे। बैंक मैनेजर बनकर एटीएम नम्बर पूछ कर फ्राड किया जाता है। इंश्योरेंस कंपनी एजेंट बनकर फ्रॉड, फर्जी ईमेल आईडी बनाकर फ्राड, मेट्रीमोनियल साईट पर शादी के नाम पर दोस्ती कर फ्राड, फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर फ्राड किया जाता है। इन सबके बारे में सतर्क होकर सावधान रहना चाहिए।

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