न्यायालय परिसर कोण्डागांव में नेशनल लोक अदालत, निपटाएं गए सुलह योग्य मामले

 

कोण्डागांव, 16 दिसम्बर 2024। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 तारीख को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरा कुमार कश्यप के द्वारा शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात नेशनल लोक अदालत में रखे गये लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गए। जिला न्यायालय के पांच न्यायालयों में एवं तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल, नारायणपुर के न्यायालयों मंे एक-एक खण्डपीठ बैठाकर तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु राजस्व न्यायालय में एक खण्डपीठ बैठाकर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें राजीनामा योग्य मामलों को आपसी राजीनामा के माध्यम से निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के खण्डपीठ ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 6 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 3820000 व अन्य सिविल के कुल 06 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 4228464 एवं प्री-लिटिगेशन के कुल 16 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 845000 का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायालय एफ.टी.एस.सी. के खण्डपीठ क्रमांक 02 में प्री-लिटिगेशन के कुल 31 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 4765752 का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार जिला एवं अपर सत्र न्यायालय के खण्डपीठ क्रमांक 03 में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 02 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 2500000 व अन्य सिविल के कुल 05 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 1720869 प्री-लिटिगेशन के कुल 290 प्रकरण निराकृत हुआ जिसमें कुल राशि 1657243 का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के खण्डपीठ क्रमांक 04 में आपराधिक प्रकरण कुल 10 प्रकरण निराकृत हुए तथा चेक बाउंस से संबंधित कुल 04 प्रकरण समझौते के आधार पर निराकृत किये गए जिसमें कुल राशि 830000 तथा ट्रॉफिक चालान के मामले कुल 290 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 29000 एवं अन्य समरी के कुल मामले 68 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 79800 का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के खण्डपीठ क्रमांक 05 में आपराधिक प्रकरण कुल 09 तथा चेक बाउंस से संबंधित कुल 02 प्रकरण समझौते के आधार पर निराकृत किये गए जिसमें कुल राशि 451314 तथा मेट्रोमोनियल के कुल मामले 01 प्रकरण निराकृत किये गए एवं 321,258 एक्ट के कुल मामले 38 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 116000 तथा बाल कल्याण से कुल मामले 01 प्रकरण निराकृत हुए तथा ट्रॉफिक चालान के मामले कुल 188 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 18800 का अवार्ड पारित किया गया एवं राजस्व प्रकरणों से संबंधित कुल 5055 प्रकरण का निराकरण हुआ।
तालुका विधिक सेवा समिति स्तर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर के खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्री-लिटिगेशन के कुल मामले 1499 कुल राशि 1742861 एवं आपराधिक प्रकरण कुल 04 प्रकरण निराकृत हुए तथा मेट्रोमोनियल के कुल मामले 05 प्रकरण निराकृत किये गए व चेक बाउंस के 10 प्ररकण निराकृत हुआ जिसमें कुल राशि 1577000 अन्य सिविल मामले के कुल 02 प्रकरण का निराकृत हुए तथा ट्रॉफिक चालान के कुल मामले 157 राशि 47100 तथा समरी के कुल मामले 23 राशि 70400 का अवार्ड पारित किया गया। एवं राजस्व प्रकरणों से संबंधित कुल 530 प्रकरण का निराकरण हुआ। इसी प्रकार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी केशकाल के खण्डपीठ क्रमांक 01 में आपराधिक प्रकरण कुल 02 प्रकरण समझौते के आधार पर निराकृत हुआ एवं व चेक बाउंस के 02 प्ररकण निराकृत हुआ जिसमें कुल राशि 120000 एवं 321,258 के कुल मामले 35 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 16300 तथा ट्रॉफिक चालान के मामले कुल 189 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 56700 तथा प्री-लिटिगेशन के कुल 01 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि 7946 का अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार समस्त न्यायालय के माध्यम से कुल 8481 प्रकरण का निराकरण किया गया जिसमें कुल राशि 24700549 रूपये का अवार्ड पारित किया गया ।
उपरोक्त सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी, सदस्यगण, अधिवक्तागण एवं विभिन्न विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों के उपस्थिति व सहयोग से उपरोक्त सफलता प्राप्त की जा सकी। साथ ही जिला चिकित्सालय की टीम के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें शिव प्रकाश त्रिपाठी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी , दीपक ठाकुर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष, नरेश नाईक अधिवक्ता, प्रशांत दत्ता अधिवक्ता, भोला सिन्हा अधिवक्ता, रामनारायण नाग न्यायालय अधीक्षक, किटकु राम सोढ़ी भृत्य, गितेश गांधी, इनके द्वारा रक्त दान किया गया। इसी प्रकार बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के द्वारा टेंट स्टॉल का सहयोग किया गया तथा गुरूद्वारा गुरूसिंघ सभा लंगार सेवा की ओर से के विशेष सहयोग से दूर दराज से आए हुए पक्षकारों के लिए निःशुल्क भोजन का व्यवस्था कर पक्षकारों को उनके प्रकरणों के सुनवाई के पश्चात् उपलब्ध कराया गया। तथा अधिकार मित्रों के द्वारा पक्षकारों को प्रोजेक्टर के माध्यम से लघु फिल्म दिखाकर प्रचार-प्रसार भी किया गया।