स्कूली बच्चों व एनएसएस छात्राओं को दी गई कानूनी जानकारी, बच्चों को करियर संबंधी टिप्स भी
महासमुंद 12 दिसंबर 2024। शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय के तत्वधान में राष्ट्रीय सेवा योजना महिला इकाई द्वारा 7 से 13 तारीख तक ग्राम मचेवा के शासकीय प्राथमिक शाला में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आज बौद्धिक परिचर्चा सत्र विधिक जागरूकता पर अधारित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दामोदर प्रसाद चन्द्रा ने एनएसएस के छात्राओं एवं स्कूली बच्चों को उनके भविष्य निर्माण अथवा करियर गाईडलाइन, सायबर अपराध एवं उससे सुरक्षा के उपाय, महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों, प्राधिकरण के कार्यों और दिए जाने वाले विधिक सलाह एवं सहायता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दामोदर प्रसाद चन्द्रा ने छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य निर्माण एवं कैरियर संबंधित जानकारी दी गई। उन्होंने संबोधित करते हुए बताया कि बच्चों को उनके आगे भविष्य की पढ़ाई और उसके बाद किसी कार्य को करने संबंधी सलाह लेने से पहले अपनी रूची का पता होना चाहिए। जिससे उनके पसंदीदा विषयों के बारे में बात कर सके साथ ही यह जानने की कोशिश करें कि वे भविष्य में क्या करना चाहते है। उसी अनुसार अपना आगे की पढ़ाई की जा सकती है। आने वाले भविष्य निर्माण के लिए सही समय में करियर को लेकर सही जानकारी होना जरूरी है। जिसके लिए कठिन परिश्रम के साथ ईमानदारी पूर्वक पढ़ाई से ही संभव है। इसके अलावा सचिव श्री चन्द्रा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों एवं उनके द्वारा दी जाने वाली विधिक सहायता अथवा सलाह के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 ए में सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया है और गरीबों तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है। संविधान के अनुच्छेद 14 और 22 (1) के तहत राज्य का यह उत्तरदायित्व है कि वह सबके लिए समान अवसर सुनिश्चित करें, समानता के आधार पर समाज के कमजोर वर्गों को सक्षम विधिक सेवाए प्रदान करने के लिए एक तंत्र की स्थापना करने के लिए वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम पास किया गया। इसी के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन किया गया है, जो कानूनी सहायता कार्यक्रम लागू करने और उसका मूल्यांकन एवं उनके सतत निगरानी का कार्य कर लोगों को कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराती है। इसी प्रकार प्रत्येक राज्य में एक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जिसके अंतर्गत उस राज्य के पूरे सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तहसील क्षेत्रों में तालुका विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। इसका कार्य नालसा की नीतियों और निर्देशों को मूर्त रूप देना और लोगों को निःशुल्क कानूनी सेवाए प्रदान कराना होता है।
