मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मासूम नित्या को मिला नया जीवन

दुर्ग, 11 दिसम्बर 2024। जिले के ग्राम बोरई निवासी रामकृष्ण साहू के परिवार के लिए 2023 का दिन उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ लेकर आया। एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामकृष्ण, एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं, और उनकी पत्नी जांत्री साहू घर पर ही छोटे बच्चो को ट्यूशन क्लास कराती हैं। उनकी 8 वर्षीय बेटी नित्या की हंसी-खुशी भरी जिंदगी उस दिन अचानक बदल गई, जब खेलते समय वह गिर गई। परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में खुलासा हुआ कि नित्या दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से पीड़ित है। यह बीमारी शरीर की तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। नित्या की स्थिति ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मासूम नित्या को मिला नया जीवन

दुर्ग, 11 दिसम्बर 2024/ जिले के ग्राम बोरई निवासी रामकृष्ण साहू के परिवार के लिए 8 फरवरी 2023 का दिन उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ लेकर आया। एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामकृष्ण, एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं, और उनकी पत्नी जांत्री साहू घर पर ही छोटे बच्चो को ट्यूशन क्लास कराती हैं। उनकी 8 वर्षीय बेटी नित्या की हंसी-खुशी भरी जिंदगी उस दिन अचानक बदल गई, जब खेलते समय वह गिर गई। परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में खुलासा हुआ कि नित्या दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से पीड़ित है। यह बीमारी शरीर की तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। नित्या की स्थिति ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। आर्थिक चुनौतियों के बीच उपचार की शुरुआत करते हुए रामकृष्ण और जांत्री ने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। चार महीने तक अस्पताल में नित्या का इलाज चला। इलाज के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ा। इलाज का खर्च मध्यम वर्गीय परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आवेदन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उनकी अपील पर त्वरित कार्रवाई हुई। आवेदन करने के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें एक 75 हजार की सहायता राशि प्रदान की गई। यह सहायता राशि उनके लिए उम्मीद की एक किरण बनकर आई। रामकृष्ण ने बताया, “सरकार की इस मदद ने हमारी बेटी को एक नया जीवन दिया। हम सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं।”

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