पशुओं को खुरा चपका रोग से बचाने चलाया जा रहा टीका अभियान
कोंडागांव, 5 दिसंबर 2024। आकांक्षी विकासखण्ड माकड़ी में पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत खुरा चपका रोग के नियंत्रण हेतु विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य माकड़ी ब्लॉक में गाय, भैंस, भेंड़, बकरी, सूअर आदि पालतू और जंगली पशुओं में खुरा चपका जैसे संक्रामक रोग के प्रभाव को कम करना है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू हुआ है और इसका लक्ष्य शत प्रतिशत पशुओं को टीकाकरण के माध्यम से इस खतरनाक रोग से बचाव प्रदान करना है।
इस कार्य के लिए माकड़ी विकासखण्ड में डॉ. सुधरन मरकाम और डॉ. प्रिया गजभिये के नेतृत्व में 5 टीम बनाई गई। इन पांच टीकाकरण टीमों की मदद से अभियान के दौरान सक्रिय रूप से कार्य करते हुए 66 हजार 600 के लक्ष्य के विरुद्ध 66 हजार 331 पशुओं में टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस अभियान में पूरी तरह से सफलता मिल रही है और पशुओं के बीच खुरा चपका रोग के नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि खुरा चपका अत्यन्त संक्रामक एवं घातक विषाणुजनित रोग है। यह गाय, भैंस, भेंड़, बकरी, सूअर आदि पालतू पशुओं एवं हिरन जैसे जंगली पशुओं को प्रभावित करता है। इस रोग के आने पर पशु को तेज बुखार हो जाता है और बीमार पशु के मुंह, मसूड़े, जीभ के ऊपर नीचे ओंठ के अन्दर का भाग खुरों के बीच की जगह पर छोटे-छोटे दाने से उभर आते हैं। फिर धीरे-धीरे ये दाने आपस में मिलकर बड़ा छाला का रूप ले लेते हैं, समय पाकर यह छाले फूल जाते हैं और उनमें जख्म हो जाता है, जो उसके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से
