दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा समुद्री विचार नेतृत्व मंच ‘सागरमंथन’ कल से दिल्ली में
नई दिल्ली 17 नवंबर 2024। दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा समुद्री विचार नेतृत्व मंच, सागरमंथन कल से दिल्ली में आरंभ हो रहा है। भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के सहयोग से आयोजित ‘सागरमंथन – द ग्रेट ओशन्स डायलॉग’ के प्रथम संस्करण का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाना और वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, व्यापारिक नेताओं, विचारकों और भविष्यद्रष्टाओं को सतत, टिकाऊ और प्रभावी समुद्री क्षेत्र के लिए ज्ञान साझा करने, सीखने और भविष्य की तैयारी तथा सक्षम निर्णय लेने की दिशा में प्रमुख वैश्विक मंच प्रदान करना है।
इस अवसर पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सोनोवाल ने कहा कि सागरमंथन समुद्री क्षेत्र में आगामी रुझानों पर गहरी समझ, ज्ञान और अंतर्दृष्टि रखने वाले वैश्विक विशेषज्ञों के साथ सर्वोत्तम उपलब्ध ज्ञान साझा करने का प्रयास है। भारत की भूमिका इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण और कई गुना बढ़ गई है, खास तौर पर 2014 के बाद से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में यह सभी को ज्ञान से परिपूर्ण कराने और इसे साझा करने, भविष्य के कार्यक्रम निधारित करने तथा समुद्री क्षेत्र के सामूहिक विकास निर्धारित करने का एक प्रमुख मंच प्रदान करता है। अभी की दुविधापूर्ण स्थिति में अपनी भावी पीढ़ियों के प्रति सतत विकास के प्रयास हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। सागरमंथन में दो दिनों की गहन, ईमानदार और केंद्रित चर्चाओं में हमें प्रचुर ज्ञान प्राप्त होने की आशा है, जो समुद्री अर्थव्यवस्था की विपुल क्षमताओं को पाने की हमारी पहल के बेहतर परिणाम प्राप्त करने में हमारी ज्ञान और बुद्धिमता बढ़ाएगा। मंत्रालय का लक्ष्य इस प्रथम सम्मलेन को वार्षिक आयोजन में बदलना है जिसमें समुद्री क्षेत्र में प्रेरक विचारों और भारत के हजारों वर्षों के समुद्री ज्ञान को संजोया जाएगा। सागरमंथन के माध्यम से भारत का लक्ष्य समावेशी विकास, दीर्घकालिक प्रचलन और परिस्थिति अनुकूल समुदायों पर महत्वपूर्ण चर्चाओं का नेतृत्व करना है, जिससे एक संपन्न और टिकाऊ नीली अर्थव्यवस्था के लिए साझा दृष्टिकोण को बढ़ावा मिले।
